अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। जिला मुख्यालय में एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगने से खर्चे कम होने के बजाय उल्टा बढ़ने लगे हैं। नप पहले हर माह बिजली बिल के अलावा छह लाख रुपये मेंटेनेंस चार्ज बिजली बोर्ड को देता है, लेकिन अब दो फीसदी मेंटेनेंस चार्ज संबंधित एलईडी कंपनी को देना होगा। ऐसे में जो बिजली बिल एलईडी लाइटें लगने से कम होगा, मेंटेनेंस चार्ज के रूप में कंपनी को देना होगा।
जिला हमीरपुर में करीब चार सौ स्ट्रीट लाइटें हैं। इसके अलावा चार हाईमास्ट लाइटें हैं। इनका प्रति माह करीब साढ़े तीन लाख रुपये का बिजली बिल आता है। इसके अलावा बिजली बोर्ड को छह लाख रुपये सालाना मेंटेनेंस चार्ज जमा करवाना पड़ता है। बिजली बिल में कमी लाने को नप ने एलईडी लाइटें लगाने का निर्णय लिया। बाकायदा पुरानी स्ट्रीट लाइटों को बदलकर नई एलईडी लाइटें लगाने का कार्य प्रगति पर है। पुरानी स्ट्रीट लाइटों को उतार कर एलईडी लाइटें लगा रही कंपनी ही जमा कर रही है। इसके अलावा दो फीसदी मेंटेनेंस चार्ज भी वसूलेगी। ऐसे में एलईडी लाइटें लगने से जो बिजली बिल कम होगा, वह मेंटेनेंस चार्ज के रूप में कंपनी को देना होगा। ऐसे में एलईडी लाइटें लगने के बाद भी स्ट्रीट लाइटों का खर्च कम नहीं हुआ है। इसके चलते सदन में सभी पार्षदों ने बिजली बोर्ड को दिए जाने वाले वार्षिक मेंटेनेंस चार्ज को बंद करने का पक्ष रखा है।
उधर, नगर परिषद उपाध्यक्ष दीप कुमार बजाज का कहना है कि बिजली बिल और मेंटेनेंस चार्ज को लेकर बैठक में चर्चा हुई है। स्ट्रीट लाइटों के खर्चे कम करने को लेकर प्लान तैयार किया जा रहा है।