हमीरपुर। प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को और प्रभावी व विस्तृत रूप दिया जा रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के जरिये जिले के 382 जूनियर व कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में मीना मंच गठित किया गया है।
इन स्कूलों में कुल 20 हजार 793 बालिकाएं शामिल हैं। बालिकाओं के नामांकन, ठहराव, अभिव्यक्ति क्षमता, नेतृत्व एवं सहयोग की भावना जैसे कौशलों को विकसित किया जा रहा है। ऐसे में विद्यालय स्तर में होने वाले आयोजनों व समस्याओं का निदान करने में बालिकाओं की भागेदारी बढ़ी है। फिलहाल इन प्रयासों को और आगे बढ़ाने के लिए 20 माडल मीना मंच विकसित करने का लक्ष्य है।
इन मीना मंचों का प्रदेश स्तर से प्रतिमाह समीक्षा एवं अनुश्रवण किया जाएगा। पूर्व माध्यमिक विद्यालय उमन्नियां, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मवई, पथनौड़ी, मकरांव, छिरका, नरायच, भिलावां, कुरारा, चंदूपुर, सुमेरपुर, चंदौखी, दरियापुर, करगवां, बरौली खरका, अमगांव, तुरना, जरिया, पचखुरा, बिहूनीखुर्द, महेरा और मुस्करा में माडल मीना मंच संचालित हैं।
छह माह से संचालित है मीना मंच
पत्योरा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में मीना मंच का संचालन सुगमकर्ता रुपाली शर्मा कर रही हैं। उन्होंने बताया मीना मंच छह माह से चल रहा है। मीना मंच में बालिकाएं अध्यक्ष सहित अन्य पदों पर पदाधिकारी हैं। एक साल में 1350 रुपये बालिकाओं के कार्यक्रमों के लिए मिलता है।
स्कूल में प्रत्येक शनिवार को मीना मंच में बालिकाओं को नियमित स्कूल आने की प्रेरणा दी जाती है। साथ ही खेलकूद, साइकिलिंग, नुक्कड़ नाटक, बालिका आधारित पोस्टर, दीवार लेखन, चर्चा, अखबार व बाल पत्रिका पढ़ना, बाल अखबार बनाने जैसे बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया जाता है। पत्योरा स्कूल में मीना मंच की अध्यक्ष छात्रा नेहा और प्रेरक शैब्या सिंह ने पोस्टर में मीना की आकृति उकेरी है तो नेहा प्रजापति ने पोस्टर में सहेली को समझाती मीना की पेंटिंग की है।
बालिकाओं को बना रहे स्वावलंबी
बीएसए सतीश कुमार ने बताया मीना मंच के माध्यम से बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिले में जूनियर स्तर की 20 हजार 793 बालिकाएं मीना मंच में शामिल हैं। यूपी 100, वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181 जैसी कानूनी जानकारी दी जाती हैं। इनमें जीवन कौशल कार्यक्रम, अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में बच्चों को शिक्षा के कार्य, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम, 20 गांवों में माता समूहों का गठन व सशक्तीकरण, शिक्षा से आच्छादित करना आदि बिंदुओं पर प्रकाश डाला जाता है। वहीं हर दूसरे माह के आखिरी शनिवार को अभिभावकों की बैठक होती है।
382 स्कूलों में 20 हजार 793 बालिकाओं को मीना मंच से जोड़ा गया
अमर उजाला ब्यूरो