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फसलों में माहू व सूंडी के प्रकोप की संभावना

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हमीरपुर। जिला सबसे अधिक दलहनी व तिलहनी फसलों के लिए जाना जाता है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष 156319 हेक्टेयर में दलहनी (चना, मटर, मसूर, अरहर) और 19255 हेक्टेयर में तिलहनी (राई, सरसों एवं अलसी) की फसलें किसानों ने बोई हैं। सोमवार से लगातार बदली व पुरवा हवाएं चलने से फसलों में माहू व सूंडी का प्रकोप बढ़ने की आशंका सता रही है। जिसके रोकथाम के लिए किसान चिंतित हैं।
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आसमान में अचानक दो दिनों से बादलों ने डेरा डाल रखा है। जिससे बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। पत्योरा के किसान जगमोहन निषाद ने बताया उसने 12 बीघा खेत बटाई में लेकर आधे में राई व आधे में गेहूं बोया है। फिलहाल अभी तो तिलहन फसल को कोई नुकसान नहीं है। लेकिन बादल आने व पुरवा हवा चलने से माहू लगने की आशंका सता रही है।

किसान शिवनरायन निषाद ने बताया अन्ना पशुओं की समस्या के चलते 15 बीघे में तिलहन की फसल बो रखी है। लेकिन अचानक से आए मौसम में बदलाव के चलते रोग लगने की चिंता है। बारिश होती है तो ठीक, नहीं तो अगर ऐसा ही मौसम रहा तो तिलहन व दलहन की फसलों में रोग प्रकोप बढ़ जाएगा।
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अगर कोहरा पड़ता है तो फूल झड़ने की शिकायत बढ़ेगी। उधर कृषि अधिकारी सरस कुमार तिवारी ने बताया कि बारिश के कम आसार नजर आते हैं। बदली व कोहरा पड़ने की संभावना है। इसके लिए किसान दलहनी व तिलहनी फसलों में कीटनाशक दवा का प्रयोग करें।

बारिश से दलहन फसलों का उत्पादन अच्छा होगा
भरुआसुमेरपुर। मौसम में आए बदलाव से किसानों को उम्मीद जगी है कि महावट होगी तो रबी की फसलों को फायदा होगा। मगर अभी तक आसमान से एक बूंद नहीं टपकी है। किसानों ने आसमान में हो रहे उतार चढ़ाव पर नजरें गड़ा रखी है। मौसम विभाग ने प्रदेश में बारिश होने का अनुमान रविवार व सोमवार को जताया था। कस्बे के किसान राधेश्याम तिवारी, छोटे तिवारी, देवीचरन कुशवाहा, कल्लू धुरिया, मोहन प्रजापति, जागेश्वर प्रजापति का मानना है कि अगर बारिश हो जाती है तो फसलों के लिए अच्छा होगा। जिससे अच्छा उत्पादन होगा। फसलों को महावट की सख्त दरकार है।

290.398 हेक्टेयर जमीन पर खड़ी फसलें
जिलेे में गेहूं की फसल 109765 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोई गई है। वहीं जौ की फसल 3624, मक्का 175, चना 102356, मटर 26978, मसूर 26985, राई-सरसों 15735, अलसी 3520, तोरिया 1240 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोई गई है। कुल 290.398 हेक्टेयर जमीन पर दलहन, तिलहन व गेहूं की फसलें बोई गईं हैं।
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बदली और पुरवा हवाओं से किसान परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
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