हमीरपुर। उपभोक्ता न्यायालय में 11 माह के भीतर 144 मामलों की सुनवाई हुई है। दोनों पक्षों की ओर से प्रस्तुत सबूतों के आधार पर गुणदोष को देखते हुए फैसले सुनाए गए। इन सबके के बावजूद अभी 292 ग्राहकों के मामले विचाराधीन हैं।
ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए उपभोक्ता न्यायालय काम कर रहा है। यहां पर बिजली विभाग और बीमा कंपनी की सेवाओं से असंतुष्ट ग्राहकों की संख्या सबसे अधिक है। मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 81 मुकदमा पंजीकृत हुए थे। न्यायिक बोर्ड ने 144 वादों पर सुनवाई के बाद गुणदोष के आधार पर फैसला सुनाया। नवंबर माह में विचाराधीन चार मामलों पर फैसला सुनाया। इसमें दो मामलों में तो ग्राहकों ने पैरवी ही नहीं की, लिहाजा उन्हें आर्डर सीट पर ही खारिज कर दिया गया। श्वासा गांव के श्याम लाल और हमीरपुर के बजरंग के मामले अदम मैरिट के आधार पर खारिज कर दिए गए।
माह वार पंजीकृत वाद और हुए फैसले
जनवरी माह में सिर्फ एक ही वाद दायर हुआ था। पूर्व के 13 मामलों की सुनवाई हुई और फैसला सुनाया गया। फरवरी में सात मामले दर्ज हुए 10 फैसला सुनाए गए। इसी तरह मार्च में तीन मामले आए और 5 पर फैसला हुआ। अप्रैल में 9 वाद दर्ज हुए थे, जबकि फैसला 15 का हुआ। मई में पांच मामले आए और 19 पर फैसला हुआ। जून में 9 वाद प्रस्तुत हुए और 12 पर फैसला हुआ। इसी प्रकार जुलाई में 18 वाद दायर हुए और 16 पर फैसला आया। अगस्त में सात वाद आए और फैसला 17 पर हुआ। सितंबर में 15 वाद दायर हुए और 20 फैसला सुनाए गए। अक्तूबर में 6 के सापेक्ष 13 फैसले हुए।