हमीरपुर। 34 माह पूर्व किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कीर्तिमाला सिंह की अदालत ने दोषी रामसनेही को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 25 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना जमा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
चिकासी थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित मां ने मार्च 2023 में पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि उसके दो बेटी व एक बेटा है। उसके पिता खाने-कमाने के लिए पति-पत्नी दिल्ली चले जाते हैं। बच्चों को परिवार के पास छोड़ जाते हैं। मार्च 2023 में उसकी बेटी (14) की तबीयत खराब हो गई। वह पति पत्नी दिल्ली में थे। बेटी घर में किसी कारणवश डर गई तो उसकी सास ने टोलाखंगारन गांव निवासी रामसनेही अहिरवार को अपने घर पर बेटी को झाड़-फूंक कराने के लिए बुलाया तो वह कहने लगा कि पीड़िता की कोख में देवी बैठी हैं। इसका उतारा करना पड़ेगा और पीड़िता का उतारा करने के बहाने जंगल में ले गया और वहां उसे पानी में कुछ नशे की चीज मिलाकर पिला दी। इससे वह बेहोश हो गई और उक्त दोषी ने बेहोशी की हालत में पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। दोषी ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो वह तुम्हारे मां-बाप और भाई को जान से मार देगा और उसने पीड़िता के साथ कई बार दुष्कर्म किया।
आरोप था कि पीड़िता को तीन माह का गर्भ ठहर गया। उसकी बेटी ने उसे फोन कर सारी जानकारी दी और वह अपने पति के साथ दिल्ली से आकर उक्त दोषी से बेटी के साथ गलत काम करने की बात कही तो उसने परिवार सहित सभी को जानमाल धमकी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाई है।