करीब दो करोड़ रुपया बटोरने के बाद रियल इस्टेट कंपनी फरार हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही ग्राहकों ने एजेंटों के घर चक्कर काटना शुरू कर दिया है। एक एजेंट ने कंपनी संचालकों के खिलाफ तहरीर दी है। एसपी दिनेश कुमार पी ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कराकर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
करीब आठ साल पहले जिले में एक रियल इस्टेट कंपनी ने कार्यालय खोला। इसकी एक शाखा भरुआ सुमेरपुर में खुली। अधिक मुनाफा देने सहित विभिन्न आकर्षक योजनाओं के जरिए लोगों से पैसे जमा कराए। कंपनी के शाखा प्रबंधक व अन्य स्टाफ ने बाकायदे एजेंटों की नियुक्ति की। इन्हीं एजेंटों के जरिए ग्राहकों से पैसे जमा कराए गए। कुछ दिन पहले कंपनी ने कार्यालय में ताला बंद कर दिया।
कंपनी बंद होते ही पैसा जमा करने वाले चक्कर काटने लगे। तमाम लोग एजेंटों के घर भी पहुंचने लगे। बसंत नगर निवासी एजेंट संतोष कुमार विश्वकर्मा ने मंगलवार को भरुआ सुमेरपुर थाने में तहरीर दी। इसमें बताया कि उनकी तरह की करीब 25 एजेंटों ने जिलेभर में तमाम लोगों से करीब दो करोड़ रुपया कंपनी के खाते में जमा कराया है। अब पैसा लौटाने की बारी आई तो कंपनी के मैनेजर ताला बंद कर भाग गए हैं।
भरुआ सुमेरपुर थानाध्यक्ष ने मुख्य कार्यालय जिला मुख्यालय पर होने की वजह से सदर कोतवाली में तहरीर देने की बात कही। इस पर एजेंट ने पुलिस अधीक्षक से भी मामले की शिकायत की है। पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि मामला संज्ञान में। एजेंट को बुलाया गया है। पूरे मामले की जानकारी करने के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। साथ ही ग्राहकों को पैसा वापस कराया जाएगा।