अमर उजाला ब्यूरो
बड़सर(हमीरपुर)। उपमंडल के किसानों को इस बार मौसम की भारी मार झेलना पड़ी है। किसानों की 65 से 75 फीसदी मक्की की फसल तबाह हो गई है। क्षेत्र के किसानों ने कृषि विभाग व सरकार से नुकसान के आकलन लगाने तथा मुआवजा दिलाने की मांग की है। बड़सर क्षेत्र की पंचायतों बल्याह, गारली, उसनाड़, ग्यारह ग्रां, बड़सर, जौड़े अंब, ज्योली देवी, कड़साई, भैल सहित अन्य कई पंचायतों के दर्जनों गांवों के किसानों को बरसात में आए तूफान से भारी नुकसान झेलना पड़ा। किसानों की अधिकतर मक्की फूल लगते ही खेतों में बिछ गई। इसके चलते फसल खेतों में सड़ गई।
शेष फसल में पैदावार में गिरावट आई है। बल्याह पंचायत के गांव कसवाड़ के किसानों हरविलास चंद, कृष्ण लाल, राजेश कुमार, राजेंद्र कुमार, प्रेम चंद, सुरेश कुमार सहित अन्य किसानों ने बताया कि मक्की फसल 65 से 75 प्रतिशत गिरावट आई है। इससे उन्हें उपज का लाभ नहीं मिल सकेगा। गारली पंचायत के गांव खज्जियां के रोशन लाल, सोमदत्त, रवीना देवी ने बताया कि उन्हें खेत से 10 से 12 क्विंटल मक्की फसल मिलती थी लेकिन मौसम की मार से उन्हें दो क्विंटल फसल ही मिल पाएगी। उसनाड़ पंचायत के गांव कुर्याह के विनोद कुमार, संजय कुमार, भगवान दास, राज कुमार ने बताया कि मौसम की मार से खेत तबाह हो गए हैं लेकिन राजस्व विभाग व कृषि विभाग का कोई भी कर्मचारी खेतों का जायजा लेने को खेतों तक नहीं पहुंचा। क्षेत्र के किसानों बल्याह पंचायत प्रधान बीना शर्मा, उसनाड़ प्रधान लीला देवी, सुरेंद्र कुमार, ज्योली देवी प्रधान जसवंत सिंह, सहित अन्य प्रधानों कहना है कि कई किसानों ने कृषि बीमा करवाया है तथा कृषि लोन लिया है। उन्होंने कृषि विभाग से नुकसान का सही आकलन तैयार करने का आग्रह किया है। सरकार से नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
कृषि विभाग बिझड़ी ब्लॉक के विशषवाद विशेषज्ञ सुरेश बन्याल का कहना है कि कुछ गांवों में नुकसान हुआ है। विभाग नुकसान का आकलन तैयार कर रहा है तथा इसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी।