गोहांड। जरिया गांव में रविवार की रात अन्ना पशुओं ने करीब दस बीघे में खड़ी फसल को रौंदा और चट की। इनमें अधिकतर लघु किसान हैं, इन्हें राजस्व विभाग ने पट्टा दिया हैं। गांव में अस्थायी गोशाला की व्यवस्था न होने पर अन्ना पशु छुट्टा घूम रहे हैं। किसानों की मुस्तैदी के बाद भी फसल नहीं बचाया जा पा रहा है।
जरिया के किसान हरगोविंद वर्मा ने बताया उनके पट्टे वाले दो बीघा खेत मेें गेहूं की फसल लगी है। रखवाली के बाद भी वह नहीं बचा सके। पट्टा धारक राम सहाय साहू का दो बीघा गेहूं, लछुवा अहिरवार के डेढ़ बीघे का गेहूं, भानू पंडित के दो बीघे का चना, रामऔतार की तीन बीघे गेहूं की फसल व वीरेंद्र यादव का गेहूं अन्ना चट कर गए।
रामऔतार ने बताया कि मई माह में उसके पुत्र की शादी है। गेहूं चट कर जाने से उसके सामने मुसीबत आ गई है। पीड़ित किसानों ने बताया कि अन्ना पशुओं का शिकार अधिकतर छोटे व पट्टा धारक किसान हो रहे हैं। जिनके पास तारबाड़ी करने को धन नहीं है। वहीं अधिकतर बड़े किसानों ने अपने खेतों में तारबाड़ी करा ली है।
गोहांड में अभी तक अस्थायी गोशाला का नहीं हुआ निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो