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स्कॉलरशिप गड़बड़ी मामले की पांच हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

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अमर उजाला ब्यूरो
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हमीरपुर। शिक्षा खंड बिझड़ी के पांच सरकारी स्कूलों में छात्रवृत्ति आवंटन में गड़बड़ी मामले की जांच तेज हो गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस बारे में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के प्रिंसिपल को पांच दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। शिक्षा उपनिदेशक सोमदत्त सांख्यान ने कहा कि इस मामले में जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। दो वर्ष पहले शिक्षा विभाग से छात्रवृत्ति के लिए आई बजट की राशि स्कूल के छात्रों तक नहीं पहुंची। स्कॉलरशिप का यह मामला वर्ष 2014-15 का है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला महारल के अंतर्गत राजकीय उच्च पाठशाला सठवीं, राउपा पैरवी, राजकीय मिडल स्कूल सकड़ी और रामपा दख्योड़ा समेत चार कंप्लेक्स स्कूल आते हैं। स्कूल के प्रभारियों ने स्कॉलरशिप की यह राशि कहां खर्च की, इसका शिक्षा विभाग के पास कोई रिकॉर्ड नहीं।
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दो वर्ष बाद शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय ने जब संबंधित स्कूलों से एपीआर (एक्यूटेंस पे रोल) की रिपोर्ट मांगी तो संबंधित स्कूल प्रशासन की सांसें फूल गईं। स्कूल प्रशासन ने दो वर्ष पहले स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया। कुछ विद्यार्थी तो संबंधित स्कूलों से पास आउट होकर किसी दूसरे शिक्षण संस्थान में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। मामले का खुलासा होने के बाद अब स्कूल प्रशासन ने कहीं दूसरी जगह से बजट की व्यवस्था कर छात्रवृत्ति बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कड़ी में अब स्कूल प्रशासन वर्ष 2014-15 में संबंधित स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों के घर पर फोन कर उन्हें छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए स्कूल बुलाया जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक सोमदत्त सांख्यान ने कहा कि रावमापा महारल के प्रिंसिपल को पांच दिन के भीतर सारा रिकॉर्ड पेश करने के आदेश दिए हैं। स्कूल से छात्रवृत्तियों के आवंटन से संबंधित रिपोर्ट मांगी गई है। अगर कोई अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित स्कूल प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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