अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। टौणीदेवी तहसील के अंतर्गत आती दो ग्राम पंचायतों बराड़ा और पटनौण के लोगों के बीच सड़क निर्माण को लेकर चल रही लड़ाई की गाज अब अतिक्रमणकारियों पर गिर गई है। बराड़ा की मुख्य सड़क से हरिजन बस्ती तक प्रस्तावित संपर्क सड़क के निर्माण के लिए पिछले एक साल से ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त और एसडीएम से मिलता आया है। अभी तक संपर्क सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। कुछ समय पहले बराड़ा पंचायत के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल दोबारा एसडीएम हमीरपुर से मिला। जिसके बाद एसडीएम हमीरपुर मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
एसडीएम ने सड़क निर्माण के लिए जमीन की निशानदेही करवाने के लिए तहसीलदार और लोनिवि को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जो लोग सड़क की मांग कर रहे थे, उनमें से करीब 30 परिवारों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। जिस जमीन पर अतिक्रमण किया गया है, वहीं से संपर्क सड़क का निर्माण भी होना है। निशानदेही के दौरान तहसीलदार ने इस संपर्क मार्ग की जद में आने वाले 30 परिवारों की मिसलें बनाकर मामला एसडीएम कोर्ट हमीरपुर भेज दिया है। मिसलें बनने की भनक लगते ही अब ग्रामीण प्रशासन से सड़क निर्माण का कार्य रुकवाने की मांग लेकर पहुंच गए हैं। उधर, एसडीएम हमीरपुर अरिंदम चौधरी ने कहा कि पहले बराड़ा और पटानौण पंचायत के ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। जिस जमीन के उपर से सड़क बननी है, वहां पर 30 परिवारों का अतिक्रमण है। तहसीलदार ने अतिक्रमणकारियों की मिसलें बना दी हैं। शीघ्र ही अवैध कब्जों को हटाने की मुहिम शुरू होगी। वहीं बराड़ा पंचायत की प्रधान ज्योति परमार ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए करीब साढ़े चार लाख रुपये लोनिवि के पास जमा हैं। जहां सड़क बननी है वहां पर कुछ लोगों का अतिक्रमण है। उधर, पटनौण पंचायत के प्रधान राजीव ठाकुर ने कहा कि बराड़ा से हरिजन बस्ती तक बनने वाली संपर्क सड़क का अधिकतर भाग बराड़ा पंचायत में आता है। अतिक्रमण के कारण सड़क निर्माण कार्य लटका हुआ है।