अमर उजाला ब्यूरो
बड़सर (हमीरपुर)। बिझड़ी कस्बे में रेन शेल्टर के पास से दुकान हटाने पर बिझड़ी के ग्रामीणों ने विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि पीडब्लयूडी ने बिना नोटिस दिए दुकान को जबरदस्ती हटाया है। ग्रामीणों ने इसके विरोध में एसडीएम बड़सर के पास अपना ज्ञापन सौंपा। साथ ही धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम की चेतावनी दी है। बुधवार को ग्रामीण होशियार सिंह, राजीव कुमार, सुषमा देवी, जगतार सिंह, सुमना देवी, विजय कुमार, चमेल सिंह, धनी राम, राजेश कुमार, निर्मल सिंह, सुशील कुमार, जसवीर सिंह, चतर सिंह, अजीत सिंह, प्रवीण कुमार, संतोष कुमार, सावित्री देवी, सोनू देवी, शकुंतला देवी, मोनिका देवी, गायत्री देवी, सोमा देवी, वीना देवी, नीलम कुमारी, पुष्पा देवी, कमला देवी समेत तीन दर्जन लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम बड़सर से मिला। लोक निर्माण विभाग ने रेन शेल्टर के पास से जगतार सिंह की दुकान को हटाने का विरोध प्रकट किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह लगभग 16 कनाल भूमि ग्रामीणों की मलकीयत शामलात भूमि रही है और जगतार सिंह इसमें हिस्सेदार है। राजस्व रिकार्ड में कब्जा काश्त को बदलकर सरकार के नाम कर दिया। जगतार सिंह ने अदालत में दुरुस्ती के लिए केस लगाया है लेकिन लोक निर्माण विभाग ने दुकान को जबरदस्ती हटा दिया। बिझड़ी बाजार में कई लोगों ने सरकारी भूमि पर कब्जा किया है और दुकानों का निर्माण किया है लेकिन प्रशासन ने कुछ लोगों के बहकावे में आकर दुकान को हटाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जगतार सिंह 40 सालों से यहां दुकान करता है और गरीब की रोजी रोटी का एकमात्र साधन भी बंद हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से दुकान बनाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।
एसडीएम बड़सर धनवीर ठाकुर का कहना है कि विभाग के रेन शेल्टर बनाने के लिए दुकान के खोखे को हटाया है। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी का कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। ग्रामीणों की शिकायत पर उन्होंने तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी है।