राठ। चरखारी रोड़ स्थित 33 केवीए द्वितीय पावर स्टेशन में छह महीने पहले आई ओसीबी मशीनें टेस्टिंग में फेल हो गईं। मालूम हो कि पावर कारपोरेशन के अधिकारियों ने औडे़रा फीडर की ओसीबी हटाकर नई मशीन से जोड़ने की कवायद शुरू की थी, मगर बुधवार को मशीन चालू नहीं हो सकी।
33 केवीए पावर स्टेशन में विभाग ने लाखों की लागत से तीन नई ओसीबी मशीनें खरीदकर भेजी थीं। जो टेस्टिंग न होने के कारण बंद पड़ी थी।
बुधवार को एसडीओ सौरभ शाक्य के साथ जेई निरंजन सिंह और टेस्टिंग टीम ने पावर स्टेशन पहुंच कर नई ओसीबी मशीनों को चेक किया, लेकिन मशीनें चालू नहीं हो सकीं। एसडीओ ने बताया कि औडे़रा फीडर की मशीन पुरानी होने के कारण बुधवार को बदलना था। मगर मशीन काम नहीं कर रही है।
उधर, 33 केवीए पावर स्टेशन में ओसीबी मशीनें बदलने का काम होेने से बिजली ठप रही। सैकड़ों गांवों को बिजली नहीं मिली। हालांकि रात में कस्बे की आपूर्ति शुरू कर दी गई थी। जेई राजू प्रसाद ने बताया कि गुरुवार से गांव और कस्बे में आपूर्ति पूरी तरह से बहाल हो जाएगी।
हमीरपुर रोड स्थित 33 केवीए पावर स्टेशन से कस्बा सहित गोंहांड, सरीला क्षेत्र के आधा सैकड़ा गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। पावर स्टेशन में लगी तीन ओसीबी मशीनें जर्जर होने पर विभाग ने मंगलवार से इन्हें बदलने का काम शुरू किया था।
तीन दिन से पांच गांवों में अंधेरा
राठ। बसेला के पहाड़ीगढ़ी मौजा में तीन दिन पहले एचटी लाइन का तार टूटकर खेत में लगी तारबाड़ी पर गिरा था। करंट से तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से अब तक गांव की बिजली चालू नहीं हो सकी है। इन गांवों में तीन दिनों से अंधेरा है। ग्रामीण नये तार लगाने पर ही बिजली चालू करने की बात कह रहे हैं। एसडीओ का कहना है कि लाइन बदलने के लिए तार व सामान मंगवाया गया है।
पहाड़ीगढ़ी मौजा में सोमवार एचटी लाइन का तार हरीसिंह के खेत में लगी तारबाड़ी के ऊपर गिरा था। हादसे में पहाड़ीगढ़ी निवासी लाल मोहम्मद (65) उसकी बहू जमीना (30) पत्नी चांद मोहम्मद व रामकुमारी (45) पत्नी धर्मजीत की मौत हो गई थी। इस घटना से ग्रामीण काफी खफा हैं।
तीन दिन गुजरने के बाद भी ग्रामीण तार नहीं जोड़ने दे रहे हैं। जिससे नौहाई, पहाड़ीगढ़ी, बसेला, कैंथा और सदर गांव में अंधेरा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक कोई भी लाइनमैन तार बदलने के लिए नहीं आया है। ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। गांव में पानी की भी समस्या है। एसडीओ सौरभ शाक्य का कहना है कि लाइन बदलने के लिए सामान मंगवाया गया है।
छह महीने से 33 केवीए द्वितीय स्टेशन पर रखी थीं मशीनें
अमर उजाला ब्यूरो