अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. हामिद करजई ने कहा कि आज अफगानिस्तान की जो दशा है उसका जिम्मेदार पाकिस्तान है। सोवियत रूस के खात्मे के बाद पाकिस्तान ने हमारे ऊपर चरमपंथी थोपे।
उनकी वजह से अफगानिस्तान बर्बादी की कगार पर पहुंच गया लेकिन भारत ने हमारी मदद का बीड़ा उठाया। आज भारत हमारा पहला मददगार है। भारत ने अफगानिस्तान में दो बिलियन डालर से संसद भवन का निर्माण कर लोकतंत्र की स्थापना की।
डॉ. करजई कानपुर आईआईटी के चार दिवसीय टेक्निकल फेस्ट ‘टेककृति’ का उद्घाटन करने कानपुर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच सीधा रास्ता पाकिस्तान से होकर निकलेगा।
यदि ऐसा हो जाए तो व्यापार आसान हो जाएगा और तीनों देश मिलकर एशिया की महाशक्ति हो जाएंगे। इसका रास्ता राजनैतिक लोग मिलकर निकाल रहे हैं। यदि इनसे रास्ता नहीं निकलेगा तो टेक्नोलॉजी और साइंस से जुड़े लोगों को रास्ता निकालना होगा।
पूर्व राष्ट्रपति करजई ने पीएम नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पीएम का विजन बिल्कुल स्पष्ट है। वह भारत की अर्थव्यवस्था को काफी आगे ले जाएंगे। भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। हर अफगानिस्तानी की दिली चाहत है कि भारत खूब तरक्की करे। भारत की तरक्की का हमें सीधा फायदा मिलता है। तमाम दिक्कतों के बाद भी भारत हमारी खुले हाथों से मदद करता है।