फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन और राष्ट्रीय लोक मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर सिंह के मुकदमे वापसी के लिए शासन ने जिलाधिकारी समीर वर्मा से रिपोर्ट मांगी है।
अभियोजन अधिकारियों ने इस मुकदमे का रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। पूर्व एमएलसी लाल सिंह तोमर के खिलाफ चल रहे मुकदमे की वापसी पर भी रिपोर्ट मांगी गई है।
शासन ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर राज्य बनाम अमर सिंह और अमिताभ बच्चन आदि के खिलाफ बाबूपुरवा थाने से दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 458/09 वापसी पर रिपोर्ट मांगी है। यह मुकदमा फर्जीवाड़ा करने, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और प्रोबेशन ऑफ मनी लांड्रिंग के तहत दर्ज हुआ था।
शासन ने मुकदमा वापसी के लिए 13 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। जिलाधिकारी दफ्तर से इस पत्र को 30 मई को अभियोजन दफ्तर भेज दिया गया है।
अभियोजन दफ्तर से अभियोजन अधिकारी मोनिका श्रीवास्तव को रिकार्ड तलाश कर रिपोर्ट लगाने को कहा गया है। इसी तरह पूर्व एमएलसी लाल सिंह तोमर के खिलाफ चकेरी थाने से दर्ज मुकदमा वापसी पर रिपोर्ट मांगी गई है।यह मुकदमा फर्जीवाड़ा और कूट रचित दस्तावेज तैयार करने का है।
ये था मामला
लेबर कालोनी बाबूपुरवा निवासी शिवाकांत त्रिपाठी ने 15 अक्टूबर 2009 को बाबूपुरवा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि राज्य सभा सदस्य सपा नेता (तत्कालीन) अमर सिंह और उनके सहयोगियों ने कूट रचित दस्तावेज तैयार कर सही के रूप में प्रयोग किए और गलत ढंग से धन अर्जित किया। बाद में इस मामले की विवेचना में अभिनेता अमिताभ बच्चन और अन्य लोगों के नाम प्रकाश में आए थे।