गोरखपुर यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के लिए यह दीक्षांत समारोह सप्ताह कई मायने में खास था। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने विद्यार्थियों को अपनी कविताएं पेश करने का मौका दिया। छात्र-छात्राओं ने भी एक से बढ़कर रचनाओं को पेश कर खूब वाहवाही लूटी।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के हीरक जयंती वर्ष में 35वें दीक्षांत समारोह सप्ताह के अंतर्गत बृहस्पतिवार को युवा कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। यह कवि सम्मेलन शहीद भगत सिंह, राजगुुरु और सुखदेव को समर्पित था। युवा कवियों और कवयित्रियों सुमन यादव, गुलाब हुसैन, सौम्या श्रीवास्तव, पुष्पेंद्र, गुलाम रब्बानी, मनीषा पासवान, अमित मद्धेशिया, समीर कुशवाहा, भीमसेन सिंह, आदित्य त्रिपाठी, शिखा तिवारी, अवधेश सिंह, मीनाक्षी शुक्ला, आदित्य धर द्विवेदी, सचिंद्र मणि त्रिपाठी, सतीश पाल, कासिम रजा कुंवर प्रताप गुप्त, सिद्धांत दीक्षित, आकृति, नीरज बहादुर शाही, पीयूष त्रिपाठी, वादिनी यादव, जियाउल हक ने विविध विधाओं पर कविताएं प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी।
शुभेंद्र सत्यदेव और गौरव पांडेय के शेरों ने माहौल में चार चांद लगा दिया। आदित्य त्रिपाठी और आदित्य धर द्विवेदी ने जब वीर रस की कविताएं सुनाईं तो तो तालियों की गड़गड़ाहट से महफि ल गूंज उठी। कवि सम्मेलन का संचालन युवा कवि शुभेंद्र सत्यदेव ने किया। इससे पूर्व कुलपति प्रो. पृथ्वीश नाग द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्चन व दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कुलपति ने सभी कवियों को माला पहनाकर व अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न, प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
स्वागत कार्यक्रम संयोजक प्रो. लालजी त्रिपाठी ने व आभार ज्ञापन आयोजन सचिव प्रो. सुषमा पाण्डेय ने किया। इस दौरान इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की प्रो. विद्या अग्रवाल, प्रो. जेएन पांडेय, प्रो. चितरंजन मिश्र, प्रो. जितेंद्र तिवारी, प्रो. डीएन यादव, प्रो. शैलजा सिंह, प्रो. सुमित्रा सिंह, प्रो. अवधेश तिवारी, प्रो. रविशंकर सिंह, प्रो. जितेंद्र मिश्र आदि मौजूद थे।