शहर के अलग-अलग संगठनों ने गुरुवार को राजगुरु, सुखदेव और भगत सिंह को शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कहीं गोष्ठी कर उन्हें याद किया गया तो कहीं कैंडल मार्च निकालकर लोगों ने उन्हें नमन किया।
यूथ युटिल वेलफेेयर एसोसिएशन ने बेतियाहाता चौराहे पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित की। राष्ट्रीय अध्यक्ष रत्नेश तिवारी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में सुबह 8 बजे सदस्यों ने फूल माला चढ़ाकर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और शाम 6 बजे कैंडल मार्च निकाला, जो घंटाघर चौक से शुरू होकर रेतीचौक पहुंचकर संपन्न हुआ। इस मौके पर गोविंद जायसवाल और देवा जायसवाल सहित कई लोग मौजूद थे।
प्रयास एक परिवर्तन का संस्था के विश्वास दादा और अवध गुप्ता की देखरेख में चंद्रलोक कुष्ठ आश्रम में तीनों शहीदों को नमन किया गया। इस दौरान आश्रम में रहने वालों को राशन बांटा गया। सर्व हितकारी व्यापार मंडल के अध्यक्ष रामनाथ निषाद ने जन जागरण रैली निकाली, जो दुर्गा मंदिर, नीना थापा बाजार, जीआरडी, कूड़ाघाट होते हुए गौतम गुरूंग चौराहे पर पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान प्रेमनाथ निषाद और दिलीप कुमार निषाद आदि उपस्थित थे।
समाज सेवक सुभाष चंद्र अकेला ने शास्त्री चौक पर गोष्ठी आयोजित की। इस मौके पर सुनील कुमार और शेषनाथ पांडेय सहित अन्य लोग उपस्थित थे। विद्या मंदिर शिक्षण संस्थान की प्राचार्या स्मिता दास ने रहमत मानीराम में आयोजित गोष्ठी में कहा कि लोगों का स्वतंत्र एवं प्रगति पथ पर होना शहीदों की ही देन है। एसपीपीडी स्कूल जटेपुर और उत्तर प्रदेश कल्याण संगठन ने गोलघर और हनुमान मंदिर बेतियाहाता में श्रद्धांजलि दी। इस दौरान अशोक कुमार, शोएब अहमद आदि मौजूद थे।
दिशा छात्र संगठन और नौजवान भारत सभा ने जाफ रा बाजार, इलाहीबाग, रमदतपुर और आसपास के इलाकों में पैदल मार्च कर सभा की। अंगद और दीपक ने कहा कि अंग्रेज अपने स्वार्थ के लिए आजादी की लड़ाई कमजोर करना चाहते थे, इसलिए वह हिंदू व मुसलमानों को आपस में लड़ा रहे थे। इस दौरान माया, विकास, प्रतिभा, नेहा, दीपक, मुकेश, सर्वेश, निशा और आदित्य मौजूद थे।