कार्यशाला में स्टंट का अभ्यास करते कलाकार।
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बालिका छात्रावास में चल रही तीस दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रशिक्षु कलाकार अभिनेता बनने के गुर हासिल करने के लिए जी-जान से जुटे हैं, फिलहाल उन्हें सम्राट अशोक नाटक के मंचन के लिए तैयारी कराई जा रही है। इस नाटक की महत्ता यह होगी कि प्रशिक्षुओं को कार्यशाला में ही प्रशिक्षण हासिल करने के बाद प्रस्तुति देनी है। संस्कार भारती और राष्ट्रीय नाट्य नई दिल्ली की ओर से आयोजित कार्यशाला में कलाकारों ने शुक्रवार को पारस्परिक सहभागियों में अपने विश्वास उत्पन्न करने के लिए ट्रस्ट गेम में तीसरी अवस्था का अभ्यास किया। इस स्टंट में जोखिम था, लेकिन कलाकारों में विश्वास भरने वाला था।
नई दिल्ली भारतेंदू नाट्य अकादमी के अंतर्गत वाइस एंड स्पीच के प्रशिक्षक मनोज शर्मा ने कलाकारों को सीधे खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर करके हवा में गिरने का स्टंट कराया गया, जिसमें हवा में गिरने वाले कलाकार अपने उन छह सहभागियों पर अपना आत्मविश्वास मजबूत बनाता है, जिन्हें उसे अपनी बाहों में दबोचना होता है। कार्यशाला में शर्मा ने पहले खुद स्टंट का प्रदर्शन किया, फिर युवा कलाकारों से कराया और उनका डर खत्म किया।
युवतियों ने भी उत्साहित होकर कई बार यह स्टंट को किया और अपने सहयोगियों पर भरोसा रखते हुए आंखें बंद करके हवा में मुंह के बल नीचे गिरती रही, सहभागियों ने भी इस बात पर खरे उतरकर उनका विश्वास मजबूत किया। कार्यशाला में पंजाब के लुधियाना, हरियाणा, ग्वालियर, दिल्ली, राजस्थान और गोरखपुर सहित कई राज्यों से प्रशिक्षु कलाकार पहुंचे हैं।