दीक्षांत समारोह में भाग लेने गोरखपुर पहुंचे राज्यपाल।
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पहले के समय में जब सेनापति जंग जीतकर घर लौटता था, तो उस राज्य की जनता उसका दिल खोलकर स्वागत करती थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उसी सेनापति की तरह ‘जंग’ जीतकर घर लौट रहे हैं। गोरखपुर की जनता के लिए यह गर्व की बात है। यह कहना था राज्यपाल राम नाईका का।
वह शनिवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में पहुंचे राज्यपाल पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने सीएम को शुभकामनाएं भी दीं। कहा कि गोरखपुर की जनता को इस बात का गर्व होना चाहिए कि गोरक्षनगर के इस योगी को प्रदेश की जनता ने प्रदेश की बागडोर सौंपी है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ तुलना के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री का किसी से तुलना करना सही नहीं है, लेकिन चार-पांच दिनों के दौरान का योगी का काम बेहतर है। कुछ मामलों पर उन्होंने जो संवेदनशीलता दिखाई है, वो बहुत ही अच्छा कदम है। कहा कि प्रदेश की जनता ने जिस तरह का जनादेश दिया है और मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी है, ऐसे में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना एक चुनौती होगी। उनका हर कदम लोगों के नजर में महत्वपूर्ण होगा।
राम जन्मभूमि मसले पर उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने एक सुझाव दिया है। निश्चित तौर पर ऐसा फैसला होगा, जो सर्वमान्य होगा। प्रदेश के विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि इस मसले पर डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा से बात हुई है। साथ ही सभी विश्वविद्यालय से शिक्षकों की रिक्तियों संबंधी जानकारी मांगी है। जल्द ही यह कमी दूर हो जाएगी। वहीं उम्मीद जताई कि योगी सरकार माध्यमिक परीक्षाओं में हो रही नकल पर लगाम लगाएगी।