गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज की एक्स-रे यूनिट का संकट टलने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक प्लेटों की कमी से जूझ रही यूनिट की सभी मशीनों ने भी जवाब दे दिया है। मशीनें खराब होने से शनिवार को मरीजों का एक्स-रे नहीं हो सका। यह समस्या डिजिटल एक्स-रे मशीन का सॉफ्टवेयर करप्ट होने से आई। गौरतलब है कि ऐसी खराबी सप्ताह में दूसरी बार सामने आई है।
बजट की कमी के चलते प्लेटों की कमी पिछले तीन महीने से मेडिकल कॉलेज की एक्स-रे जांच व्यवस्था के लिए रोड़ा बनी हुई थी। कॉलेज प्रशासन ने बाजार से प्लेटें खरीदकर जैसे-तैसे इससे निजात पायी थी। अब सॉफ्टवेयर करप्ट होने से मशीनों ने काम करना बंद कर दिया है। यूनिट की 300 एमए की मशीन एक साल पहले से ही खराब थी। एक सप्ताह पहले 700 एमए की मशीन भी खराब हो गई थी।
उसके बाद पूरा दारोमदार 500 एमए की एकमात्र मशीन पर आ गया था। शनिवार की सुबह यह भी खराब हो गई। इससे जांच ठप हो गई, उधर एक सप्ताह पहले सॉफ्टवेयर खराब होने से ठप हुई डिजिटल एक्स-रे मशीन को कॉलेज प्रशासन ने किसी तरह दुरुस्त किया था लेकिन यह दुरुस्तगी सप्ताह भर भी नहीं चल सकी। शनिवार को पूरे दिन इसे ठीक करने के लिए तकनीकी कर्मचारी मशक्कत करते रहे।
एक्स-रे न होने से दु:खी कुशीनगर के संतराज ने बताया कि वह पिछले दो महीने में चार बार एक्स-रे के लिए यूनिट में जा चुके हैं लेकिन हर बार उन्हें बाहर की रास्ता दिखाया गया। महराजगंज के चौक इलाके के रामवृद्धि, पिपराइच के संतोष और संतकबीर नगर के नीरज ने भी व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।
वर्कलोड ज्यादा होने से साधारण एक्स-रे मशीनों में खराबी की समस्या आ रही है। इसी वजह से डिजिटल एक्स-रे मशीन भी खराब हो रही है। फिलहाल दोनों को ठीक कराया जा रहा है। बहुत जल्द एक्स-रे व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।
प्रो. राम कुमार, एसआईसी, नेहरू चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज