शौचालय की मांग को लेकर थाने पहुंची महिला
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जिले को खुले में शौचमुक्त घोषित कर दिया गया है। वहीं शौचालय निर्माण की मांग को लेकर अक्सर फरियादी अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर लगाने को विवश हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में घुंघट में दुल्हन पहुंची तो सभी दंग रह गए। पहले तो लोगों ने सोचा की कोई मामला होगा। लेकिन जब उसने एसडीएम को पत्र सौंपा तो पूरी कहानी सामने आ गई। सभी को शौचालय देने का दावा करने वाले अधिकारियों की पोल खुल गई। दुल्हन ने घुंघट में ही अपनी पीड़ा को बयां करते हुए इज्जत घर निर्माण कराने की मांग की। साहब ने भी उसे आश्वासन देकर घर भेज दिया।
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निचलौल तहसील क्षेत्र के गांव बंदी विशुनपुरा के निवासी अजय की शादी छह वर्ष पहले खमहौरा के टोला बंजारी में सुमन से हुआ है। शादी के बाद अजय अपनी दुल्हन सुमन को विदाई कराकर घर लाया। सुमन ससुराल आई तो पता चला कि शौचालय नहीं है। इस पर उसने अपने पति से नाराजगी जाहिर की। पति ने आश्वासन दिया कि शौचालय बनवा दिया जाएगा। पत्नी के एतराज करने पर अजय तभी से सरकारी शौचालय लेने का प्रयास करता रहा लेकिन शौचालय नहीं मिल सका।
इसी बीच मंगलवार को नाराज दुल्हन सुमन ने घूंघट की आड़ में शौचालय की मांग करने खुद साहब के दर पर पहुंच गई। उसका कहना है कि अभी भी गांव में इज्जत घर बनवाने के लिए कारगर पहल नहीं की गई है। दुल्हन सुमन के दो बच्चे अंश और महिमा हैं। सुमन इंटर तक की पढ़ाई की है। वहीं परिवार के लिए दो वक्त की रोटी चलाने के लिए उसका पति अजय ठेले पर दुकान चलाता है। सुमन ने बताया कि अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शौचालय निर्माण कराया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी रविंद्र वीर यादव ने बताया कि मौके पर जांच के बाद शौचालय निर्माण कराया जाएगा। प्राथमिकता के आधार शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है।