फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गलन और कोहरे ने छीना सुख-चैन

Sat, 20 Jan 2018 12:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
विज्ञापन
ठंड का कहर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सर्दी का सितम कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हाड़ कंपाने वाली इस ठंड से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। न सुबह चैन मिल रहा है और न रात को। दोपहर बिना सूरज के गुजर जा रही है। किसी दिन हल्की धूप हो भी रही है तो शाम होते ही घना कोहरा छा जा रहा है। यह सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। मौसम विज्ञानी का कहना है कि अभी दो दिनों तक मौसम का यही रुख बना रहेगा।
विज्ञापन


ठंड के इस मौसम में बृहस्पतिवार की रात से लेकर शुक्रवार की सुबह तक पड़ा कोहरा सबसे घना रहा। शुक्रवार की सुबह सड़क गीली नजर आई। फिसलन बढ़ने से कई हादसे भी हुए। सुबह 10 बजते-बजते कोहरा थोड़ा कम कम हुआ, लेकिन गलन बनी रही। न्यूनतम तापमान सात डिग्री के आसपास रहा जो 14.5 डिग्री ही पहुंच सका। घरों में गृहणियों को बर्फ जैसे पानी से जूझना पड़ा। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि शुक्रवार से हवा का रुख बदल गया है। अब दक्षिण पूर्व दिशा की ओर से हवा चलने लगी है। इस वजह से शनिवार को कोहरा और घना होगा। सुबह के तापमान में भी गिरावट आएगी।  

22 से छंटेगा कोहरा, निकलेगी धूप
मौसम वैज्ञानिक शफीक अहमद की मानें तो 22 जनवरी से मौसम में बदलाव होगा। कोहरा छंट जाएगा, धूप भी निकलेगी। 23 जनवरी को बादल छाए रहेंगे। 24 और 25 को हल्की बारिश के भी आसार हैं। उन्होंने बताया कि दरअसल 22 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के आसार हैं। जम्मू कश्मीर समेत पहाड़ों में हल्की बारिश भी होगी। इसके बाद मैदानी इलाकों के मौसम में बदलाव आएगा। उन्होंने बताया कि इस बार पखवाड़े से ज्यादा समय तक लगातार ‘कोल्ड डे’ वाली स्थिति रही है। चार दशक के बाद ऐसी स्थिति आई है।
विज्ञापन


दरअसल पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद पहाड़ों में पर्याप्त बारिश एवं बर्फबारी होती है। इसका असर मैदानी इलाकों पर भी पड़ता है। ठंड तो ज्यादा होती है, लेकिन कोहरा या धुंध वाली स्थिति इतनी ज्यादा नहीं होती। इस बार जो भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ वह जम्मू कश्मीर के ऊपरी इलाकों से होकर गुजर गया। इसी वजह से न तो अच्छी बारिश हुई और न ही बर्फबारी। मैदानी क्षेत्रोें में वातावरण में ज्यादा नमी का यही कारण है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें