नगर निगम अब शहर के हर घर में पानी की सप्लाई की योजना बना रहा है। अमृत योजना के तहत होने वाले इस काम को अगले साल तक पूरा होने की उम्मीद है।
बता दें कि नगर निगम क्षेत्र में तकरीबन 1.25 लाख मकान हैं, जिसमें से मात्र 65 प्रतिशत घरों में ही अभी तक पानी की सप्लाई हो पा रही है। इसलिए नगर निगम शहर के उन इलाकों में पानी की पाइपलाइन का विस्तार कर रहा है, जिन इलाकों में अब तक पानी की सप्लाई नहीं है। 2017 तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके बाद हरेक घर वाटर टैक्स के दायरे में आ जाएंगे।
नगर निगम 70 में से 14 वार्डों में अभी तक पानी की आपूर्ति की व्यवस्था नहीं है। यूआईडीएसएसएमटी (अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम फॉर स्मॉल एंड मीडियम टाउंस) के तहत जलापूर्ति से वंचित इन लोगों के लिए जल निगम द्वारा तकरीबन 51 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इनमें से जल निगम को 24 करोड़ रुपये मिल चुके हैं जिससे काफी काम कराया जा चुका है। योजना का नाम बदलने के बाद अब अमृत योजना के तहत मार्च 17 तक इन कामों का पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जलापूर्ति के लिए ये होंगे कार्य
ट्यूबवेल- 22
ओवरहेड टैंक- 8
पाइपलाइन- 307 किलोमीटर
इन इलाकों में हो सकेगी पानी की आपूर्ति
पेयजल जोन नथमलपुर, चरगावां, फतेहपुर और जंगल सालिकराम के अंतर्गत आने वाले वार्ड रसूलपुर, सूरजकुंड, माधोपुर, राजेंद्रनगर पश्चिमी, विकासनगर, लच्छीपुर, चरगावां, जंगल नकहा, राप्तीनगर, सेमरा, मानबेला, सेमरा, उर्वरकनगर, जंगल सालिकग्राम
काम अंतिम चरण में है। मार्च 2017 तक काम पूरा हो जाने के बाद नगरीय क्षेत्र के हर घर में पानी की सप्लाई संभव हो सकेगी।
- सूरजलाल, एक्सईएन, जल निगम