पूर्वांचल के गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर समेत 12 जिलों के लाखों मनरेगा मजदूरों को भी अब भविष्य निधि (पीएफ ) का लाभ मिलेगा। इसे लेकर गोरखपुर क्षेत्रीय पीएफ कार्यालय ने सख्ती शुरू कर दी है। 12 जिलों के जिला प्रशासन को इस संबंध में नोटिस भेजा जा रहा है। सिर्फ गोरखपुर मंडल में ही करीब छह लाख जॉब कार्डधारक हैं, जिन्हें अब पीएफ का लाभ मिलेगा। मनरेगा के तहत ही विकास भवन, ब्लाक और पंचायतों में तैनात तकनीकी कर्मचारियों को भी पीएफ का लाभ मिल सकेगा।
गोरखपुर मंडल के अलावा जिन जिलों के मनरेगा जॉब कार्डधारकों को इसका लाभ मिलेगा उनमें बस्ती, सिद्धार्थनगर, खलीलाबाद, बलिया, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बहराइच जिले शामिल हैं। दरअसल मनरेगा को पहले कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम से बाहर रखा गया था, मगर एक अप्रैल 2015 से यह शर्त खत्म हो गई है। ऐसे में अब गोरखपुर के अलावा देश के दूसरे क्षेत्रीय पीएफ कार्यालय भी मनरेगा के तहत काम करने वाले दैनिक और संविदा कर्मचारियों का पीएफ जमा कराने के लिए जल्द ही दबाव बना सकते हैं।
जॉब कार्डधारकों के लिए अच्छी बात यह है कि उनके हिस्से का भी साल भर के पीएफ के अंशदान का भार सरकार को ही उठाना पड़ेगा। दरअसल वेतन का भुगतान हो जाने के बाद किसी भी कर्मचारी से पीएफ का अंशदान नहीं वसूला जा सकता है। चूंकि वसूली एक अप्रैल 15 से होनी है, ऐसे में साल भर के कर्मचारियों के वेतन का 12 फीसदी अंशदान भी सरकार को ही जमा करना होगा। यहीं नहीं, समय से अंशदान का भुगतान न करने की वजह से 25 फीसदी जुर्माना और 12 फीसदी ब्याज यानी संबंधित जिलों से 37 फीसदी अधिक वसूली होगी।
समय जुर्माना ब्याज
दो माह तक 5 फीसदी 12 फीसदी
दो से चार माह तक 10 फीसदी 12 फीसदी
चार से छह माह तक 15 फीसदी 12 फीसदी
छह माह से अधिक 25 फीसदी 12 फीसदी
एक अप्रैल 2015 से संबंधित जिलों के मनरेगा जॉब कार्डधारकों और मनरेगा के तहत तैनात संविदा कर्मचारियों का पीएफ नहीं जमा हुआ। इसे लेकर नोटिस भेजा जा रहा है। जुर्माने और ब्याज के साथ बकाये की वसूली कराई जाएगी।
- वीवीबी सिंह, पीएफ कमिश्नर, गोरखपुर परिक्षेत्र