अब तक शहर के 14 ऐसे वार्ड हैं, जिनमें आज तक पानी की सप्लाई संभव नहीं हो सकी है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल के अंत तक इन सभी इलाकों में पानी की सप्लाई पहुंच सकेगी। अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम फॉर स्माल एंड मीडियम टाउन (यूआईडीएसएसएमटी) योजना के तहत इन वार्डों में पेयजल आपूर्ति के लिए किया जा रहा काम अंतिम चरण में है। 70 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है।
नगर निगम के अस्तित्व में आने के डेढ़ दशक बाद भी 70 में से 14 वार्डों में पानी की आपूर्ति संभव नहीं हो सकी है। इसकी वजह से शहर की तकरीबन 1.20 लाख आबादी को पीने के पानी के लिए हैंडपंप या अपनी बोरिंग का इस्तेमाल करना पड़ता है। सप्लाई वाटर से वंचित लोगों के लिए जल निगम का तकरीबन 51 करोड़ रुपये का चल रहा काम अब अंतिम चरण में है। योजना के तहत नत्थमलपुर, चरगावां, फतेहपुर और सालिकग्राम में कुल 22 ट्यूबवेल, आठ ओवरहेड टैंक बनाने के अलावा कुल 307 किलोमीटर पाइपलाइन बिछानी है। जल निगम के अधिशासी अभियंता सूरजलाल का कहना है कि योजना का करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। दिसंबर तक यह काम पूरा हो जाएगा।
14 वार्ड के लोगों को मिलेगा फायदा
यूआईडीएसएसएमटी योजना के तहत पेयजल जोन नत्थमलपुर, चरगावां, फतेहपुर और सालिकग्राम के लिए कुल 48.32 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इससे रसूलपुर, सूरजकुंड, माधोपुर, राजेंद्रनगर पश्चिमी, विकासनगर, लच्छीपुर, चरगावां, जंगल नकहा, राप्तीनगर, सेमरा, मानबेला, सेमरा, उर्वरकनगर, जंगल सालिकग्राम वार्ड में पाइपलाइन के जरिए पानी की आपूर्ति संभव हो सकेगी। अभी इस इलाके के लोग इंडिया मार्क हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर हैं।