आल इंडिया पीएनबी ऑफिसर्स एसोसिएशन के सम्मेलन में पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के सम्मेलन एवं विदाई समारोह में बड़े नोटों की बंदी के बाद बैंकों की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई गई। सम्मेलन में गोरखपुर इकाई की नई कार्यकारिणी गठित की गई। वहीं मंडल सचिव एमजे श्रीवास्तव को विदाई दी गई।
रविवार को शहर के एक होटल में आयोजित सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव दिलीप साहा ने कहा कि बड़े नोटों की बंदी से बैंकों की स्थिति खराब हो गई है। इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अध्यक्ष एसके खजांची ने 11वें वेज रिवीजन के संबंध में जानकारी दी। सम्मेलन के बाद गोरखपुर इकाई की नई कार्यकारिणी चुनी गई। इसमें राजेश श्रीवास्तव को अध्यक्ष, सुचित पांडेय को महासचिव, पीके अग्रवाल और सुभाष यादव को उपाध्यक्ष, अखिलेश सिंह को संयुक्त मंत्री, मनोज बरनवाल को कोषाध्यक्ष और ध्यानचंद को सहायक कोषाध्यक्ष चुना गया। शिवनंदन सहाय समेत तीन लोगों को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में चुना गया। कार्यक्रम के दौरान पीएनबी के मंडल प्रमुख टी बडपंडा के अलावा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अमिताभ भौमिक समेत अन्य मौजूद थे।
प्रबंधन से बैंककर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग
नोटबंदी के बाद बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों पर खासा दबाव है। ऐसे में बैंक के अधिकारियों ने प्रबंधन से कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और पर्याप्त मात्रा में नोट उपलब्ध कराने की मांग की है। रविवार को इलाहाबाद बैंक की विश्वविद्यालय शाखा में आल इंडिया इलाहाबाद बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन की बैठक हुई, जिसमें फेडरेशन के जोनल अध्यक्ष सीनियर मैनेजर बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नोटबंदी के बाद बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों पर काम का दबाव काफी बढ़ गया है। नोटबंदी के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने आधी रात तक काम किया। लेकिन कर्मचारियों की कम संख्या की वजह से अब ज्यादा परेशानी होती जा रही है। वहीं रिजर्व बैंक से करेंसी की कम आपूर्ति से खाताधारकों की बेहतर ढंग से सेवा नहीं हो पा रही है। काफी एटीएम बंद हैं। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों पर लोड बढ़ गया है। बैठक में एसबी त्रिपाठी, अंबुज राय, अभिमन्यु राय, आरके पांडेय, पुष्पेंद्र कुमार, आशीष अग्रवाल आदि मौजूद रहे।