शहर मेें पानी का ‘कर्फ्यू’, जलभराव से कारोबार प्रभावित
गोरखपुर। बारिश का सिलसिला लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रहने से शहर के कई इलाकों में पानी का ‘कर्फ्यू’ लगा रहा। जगह-जगह जलभराव की वजह से स्कूल, दफ्तर या किसी अन्य काम से घरों से बाहर निकले लोग तो परेशान हुए ही, कारोबार भी प्रभावित हुआ। तारामंडल रोड से सटे सर्विस लेन में करीब चार फीट तक पानी लगा रहने से ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। जो खुली भी, वहां सन्नाटा पसरा रहा। जलभराव की वजह से सर्विस लेन पर स्थित सेंट्रल एकेडमी स्कूल पर भी ताला लटका रहा। यही हाल दाउदपुर स्थित विधायक रोड का भी रहा।
महेवा गल्ला मंडी में कहीं पानी तो कहीं कीचड़ से गल्ला के साथ ही सब्जी और फलों की बिक्री प्रभावित रही। यहां कई दुकानों में पानी लग गया है, जिसे निकालने में दुकानदार दिनभर हांफते रहे। साहबगंज में भी अन्य दिनों की तुलना में कारोबार ठंडा रहा। कीचड़ की वजह से कारोबारी यहां भी काफी परेशान रहे।
बुधवार को कलेक्ट्रेट, विकास भवन, आरटीओ परिसर आदि दफ्तरों के बाहर जलभराव से चहलपहल कम रही। रोज की तुलना में फरियादी कम आए। उधर, एमएमएमयूटी मार्ग पर सिंघड़िया के पास दूसरे दिन भी जलभराव होने से यातायात प्रभावित रहा। इसी तरह भेड़ियागढ़, गोरखपुर-महराजगंज मार्ग पर पुरानी असुरन चुंगी, सिधारीपुर, चक्सा हुसैन, अहमदनगर, बेतियाहाता, सूर्य बिहार, शाहपुर, असुरन, बैंक रोड, रेती आदि इलाकों में कहीं पानी तो कहीं कीचड़ से लोग परेशान रहे।
आज भी बारिश नहीं थमने के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार की शाम 5.30 बजे से बुधवार की शाम 5.30 बजे तक करीब 70 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय के मुताबिक, दो दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश के गुरुवार को भी जारी रहने के आसार हैं। उन्होंने बताया कि एक सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र पूर्वी उप्र और सटे बिहार पर बना हुआ है। साथ में वहीं पर एक चक्रवाती हवा का क्षेत्र भी 25 हजार फीट की ऊंचाई पर बना है। एक ट्रफ लाइन भी पंजाब से निकलकर पश्चिमी उप्र, पूर्वी उप्र, बिहार, पश्चिम बंगाल के हिमालयी इलाके, असम होते हुए नागालैंड तक जा रही है। पूर्वी उप्र में पुरवा हवा चलेगी और नमी बरकरार रहेगी। इन सभी वजहों से गोरखपुर एवं उसके आस-पास गुरुवार को मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है।