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शहर में तो सही में चली ‘नाव’

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बारिश का कहर: कॉलोनियों में चलने लगी ‘नाव’
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गोरखपुर। आखिरकार शहर में ‘नाव’ चलने ही लगी। जलभराव की वजह से टापू बने घरों से निकलने के लिए लोगों को अब थर्मोकोल से बनी ‘नाव’ का सहारा लेना पड़ रहा है। यह हाल जंगल तुलसीराम पश्चिमी के अकोलवा समेत कुछ इलाकों का है। कई लोग घर छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं। बदतर हालत के लिए यहां के लोग जिला, नगर निगम प्रशासन और जीडीए को कोस रहे हैं।
नाले के पानी का बहाव बंद होने से पिछले करीब एक महीने से जलभराव की समस्या का सामना कर रहे जंगल तुलसीराम पश्चिमी, ताड़ीखाना और आदर्श नगर बिछिया के करीब 100 घर पानी में कैद हैं। पिछले करीब एक हफ्ते से लगातार हो रही बारिश से हर घर टापू में तब्दील हो गया है। रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए यहां के लोगों को या तो छाती तक पानी में डूब के जाना पड़ रहा है या थर्मोकोल से बनाई ‘नाव’ का इस्तेमाल कर रहे हैं। बच्चों का स्कूल जाना बंद है। आदर्श नगर बिछिया के प्रशांत श्रीवास्तव और जुही श्रीवास्तव ने कहा कि पिछले पांच दिनों से घर से निकलना लगभग बंद है।
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डेढ़ महीने से लगा रहे अधिकारियों के चक्कर
क्षेत्र के पार्षद अभिमन्यु मौर्या का कहना है कि समस्या समाधान के लिए पिछले डेढ़ महीने से जिला प्रशासन से लेकर नगर निगम का चक्कर लगाया गया। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पिछले दिनों नगर निगम और जीडीए की टीम आई, लेकिन जेसीबी के मिट्टी में धंसने की वजह से अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका। नगर निगम और जीडीए को समस्या की ओर ध्यान देना चाहिए।
घर के बाहर गले तक पानी भरा है। 20-22 साल से इस इलाके में रहते हैं, आज तक ऐसी दिक्कत नहीं हुई थी। नाले का बहाव पहले से बंद था इस बीच तेज बारिश से दिक्कत बढ़ गई । - सोनू यादव, अकोलवा
पिछले एक-डेढ़ महीने से दिक्कत बनी हुई है। ऐसा लगता है कि जिला, नगर निगम प्रशासन का हमारी समस्या से कोई लेना देना नहीं है। इस आपदा का तत्काल निदान कराया जाना चाहिए। - उपेश यादव, अकोलवा
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बारिश बंद, फिर भी कई इलाकों में भरा रहा पानी
पिछले छह दिनों से हो रही बारिश रविवार सुबह से थम गई, लेकिन पूरे दिन शहर के कई इलाकों में पानी भरा रहा। बुद्ध विहार, बुद्ध विहार पार्ट सी, आजाद नगर पूवी, महुई सुघरपुर, साकेत नगर, मानस पुरम, दाउदपुर, पुर्दिलपुर, काली मंदिर, धर्मशाला बाजार, नक्को बाबा मजार के पास की गली, भरत मिलाप चौक, बड़गो रोड समेत विभिन्न इलाकों में रविवार को भी पानी भरा रहा। तारामंडल रोड पर सर्विस लेन से सटे इलाकों के लोगों की दुश्वारी भी कम नहीं हुई। नगर निगम की टीम पूरे दिन जलभराव को दूर करने के लिए दौड़ती रही। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी ने कहा कि शनिवार रात करीब दो बजे के बाद हुई करीब 61 मिलीमीटर बारिश से शहर के विभिन्न इलाकों में फिर से जलभराव हो गया। रविवार सुबह बारिश बंद होने के बाद कई जगहों पर नालियों के चोक होने की शिकायत आई। टीम को भेज कर जलभराव को दूर कराया गया।
देवरिया रोड : जलभराव के बीच बंद हो गईं कई गाड़ियां
बारिश के पानी के निकलने के लिए बनाए जा रहा नाले के अधूरा रहने से देवरिया रोड पर जलभराव बना हुआ है। सिंघड़िया से गाड़ियों को रानीडीहा, भैरोपुर, शिवपुर, महादेव झारखंडी होते हुए कूड़ाघाट की ओर जाने दिया गया। वहीं, जिसने भी इस पानी से होकर चलने की कोशिश की तो उसकी गाड़ी फंस गई। गाड़ियों के बंद होने से उन्हें ढकेल कर बाहर निकालना पड़ा।
विवेकपुरम : घर की चौखट तक पहुंचा गंदा पानी
ग्राम पंचायत भरवलिया बुजुर्ग में स्थित विवेकपुरम मुहल्ला पंचवटी नगर के करीब 500 घरों में गंदे पानी के घुसने जैसी स्थिति बन गई है। क्षेत्र के नरेंद्र, मोहन, विभूति आदि ने बताया कि कई बार अधिकारियों को सूचित किया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
नगर निगम की लापरवाही से ‘डूबे’ सैकड़ों घर
नगर निगम की लापरवाही से महुई सुघरपुर और रुस्तमपुर वार्ड के सैकड़ों घरों में गंदा पानी दस्तक दे रहा हैं। क्षेत्र के पार्षद चंद्रप्रकाश सिंह के अनुसार इस बार वार्ड के ऐसे इलाकों में पानी भर गया, जहां पहले सूखा रहता था। गलियों में एक से डेढ़ फीट तक पानी भर गया। कारण जाने की कोशिश की गई तो पता चला कि कटनिया बांध पर लगे पंपिंग सेट चलाए ही नहीं जा रहे थे। अपर नगर आयुक्त को इस संबंध में जानकारी देने के बाद पंपिंग सेट चलाए गए।
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तीन रेगुलेटर बंद, पंप से राप्ती में भेजा जा रहा नालों का पानी
राप्ती का जलस्तर बढ़ने से हार्बर्ट बांध और माधोपुर बांध पर तीन रेगुलेटर को रविवार को बंद कर दिए गए। अब शहर के नालों का पानी पंप कर राप्ती नदी में डाला जा रहा है। हार्बर्ट बंधा पर इलाहीबाग और डोमिनगढ़ और माधोपुर में बसियाडीह रेगुलेटर बंद किया गया है। जलकल के महाप्रबंधक सत्य प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि रेगुलेटर बंद होने के बाद पंप से पानी को राप्ती नदी में फेंका जा रहा है। 66 पंपों को लगातार चलाने रखने के लिए एक दिन का एडवांस डीजल स्टोर कर रखा जा रहा है।
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