लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी की घोषणा के बाद शुक्रवार को पहली बार देवरिया आए सांसद कलराज मिश्र बेहद भावुक दिखे। जिला पंचायत स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से लंबी बातचीत की। कहा कि यहां से फिर चुनाव लड़ना चाहता था पर उम्र ने साथ नहीं दिया।
कलराज मिश्र ने पार्टी नेतृत्व की ओर से चुनाव न लड़ने के लिए दबाव बनाए जाने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि बढ़ती उम्र के कारण उन्होंने खुद ही मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। चुनाव न लड़ने का फैसला भी उनका खुद का है। मिश्र ने कहा कि जो लाइन खींची गई है, उन्होंने खुद उसका पालन किया, लेकिन यहां की जनता से उनका संबंध जीवनभर बना रहेगा। सांसद न बनने का मतलब यह नहीं कि देवरिया से दूर हो जाऊंगा। यहां के जन-जन का हमेशा कृतज्ञ रहूंगा।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज, बाइपास, नेशनल हाईवे, शुद्ध पेयजल, रेलवे, रोजगार के क्षेत्र में विकास के लिए कई कदम उठाए थे। उसकी निगरानी करते हुए पूरा होने तक शांत नहीं बैठूंगा। अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि चीनी मिल न चलवा पाने का मलाल है, इसके लिए प्रयास जारी रहेगा।
कलराज मिश्र ने पार्टी प्रत्याशी रमापति राम त्रिपाठी को अनुज बताया। तीन चरणों के चुनाव के बाद के माहौल के सवाल पर कहा कि यह देश का चुनाव है, प्रदेश का नहीं। सपा-बसपा गठबंधन पराजित मानसिकता के लोगों का मिलन है। दोनों दल अस्तित्व बचाने के लिए एक हुए हैं। जनता मजबूत और प्रभावी नेतृत्व चाहती है, जो मोदी से बेहतर कोई नहीं दे सकता। वाराणसी रैली से साफ हो गया है कि इस बार पूर्वांचल की हर सीट पर कमल खिलेगा।