रकम न मिलने से नाराज महिलाएं पुलिस से ही भिड़ गईं।
- फोटो : Amar Ujala
बड़े नोटों की बंदी के बाद से शहर के हालात जहां धीरे-धीरे सुधर रहे हैं, वहीं गांवों में हालात दिनों दिन बिगड़ते जा रहे हैं। बैंकों से रकम न मिलने पर नाराज लोग बुधवार को भी सड़कों पर उतर आए। उग्र हुए लोगों को रास्ते से हटाने के लिए कहीं समझा-बुझाकर शांत किया गया तो कहीं पुलिस ने लाठियां भी भांजी।
ब्रह्मपुर प्रतिनिधि के मुताबिक नई बाजार एसबीआई शाखा पर सुबह दस बजे पहुंचे लोगों को जैसे ही यह मालूम हुआ कि बुधवार को भी कैश नहीं है। उनका धैर्य जवाब दे गया। नाराज लोग चौरीचौरा मुख्य मार्ग पर आ गए और रास्ता जाम कर दिया। सूचना पाते ही पुलिस फोर्स पहुंच गई और लोगों को समझाने की कोशिश करने लगी। बैंक की ओर से भी बताया गया कि मंगलवार को ही कैश न होने की नोटिस चस्पा कर दी गई थी, मगर किसी ने उसे फाड़ दिया था। कैश की उम्मीद लेकर आए लोग कोई भी दलील सुनने को तैयार नहीं थे। करीब तीन घंटे तक मुख्य मार्ग जाम होने से मुसीबत बढ़ने लगी तो पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी। लाठी चलाने के बाद भीड़ तो तितर-बितर हो गई, मगर लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ।
बेलीपार प्रतिनिधि के मुताबिक बिस्टौली खुर्द गांव की एसबीआई शाखा में सुबह ही लोग कैश की खातिर पहुंच गए थे। कैश न होने की जानकारी पाते ही लोगों ने गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग जाम कर दी। इससे दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई। सूचना पाते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाकर रास्ते से हटाया। मौजूद लोगों का कहना था कि वह रोज ही इस उम्मीद से आ रहे हैैं कि शायद आज उन्हें कैश मिल जाए और जरूरत का सामान खरीद सकें, मगर हर काम छोड़कर बैंक आ रहे हैं और कैश भी नहीं मिल पा रहा है।
खजनी प्रतिनिधि के मुताबिक महुआ डाबर चौकी के निकट एसबीआई बरडाड शाखा में चार दिनों से कैश न मिलने पर बुधवार को लोगों का धैर्य जवाब दे गया। लोगों ने गोरखपुर-उनवल मार्ग पर जाम लगाकर रकम की मांग की। मगर कैश न होने से लोगों को लौटा दिया गया। यहां पर कई दिन से लोगों को रकम नहीं मिल पा रही है।