‘तेरे आगोश से निकले तो उम्र भर भटके/अब भी रोते हैं मगर दर्द किसे होता है।’ ध्रुव गुप्त ने फेसबुक पर यह शेर पोस्ट करते हुए वेलेंटाइन वीक के ‘हग डे’ पर मंगलवार को मां को गले लगने की अपील की।
प्रेम की सबसे स्वाभाविक अभिव्यक्ति आलिंगन के बहाने उन्होंने जीवन के सबसे पुरसुकून आलिंगन की याद दिलाई। शाम तक उनकी पोस्ट वायरल हो चुकी थी। 10 घंटे में ही उनकी पोस्ट पर एक हजार से ज्यादा लाइक, 49 शेयर और 381 कमेंट हो चुके थे।
पोस्ट में आगे उन्होंने लिखा है ‘...चाहे वह कोई बच्चा हो, माता-पिता हों, दोस्त हों, प्रेमी हों या पति-पत्नी, प्यार आया तो पहली ख्वाहिश गले लग जाने की होती है।’ ध्रुव ने उस आलिंगन की याद दिलाई, ‘...जिसने अजनबी दुनिया में आंख खोलने के बाद हमें सुरक्षा, कोमलता, ममता और गहरी आत्मीयता का एहसास दिया था।’
चिंता जताई, ‘...जाने क्यों
उम्र के साथ जीवन का वह सबसे नाजुक, सबसे गहरा एहसास भूल जाते हैं हम।’ उन्होंने हग डे के बहाने एक बार फिर मां के गले लगकर देखने को कहा। भरोसा दिलाया कि इससे जिंदगी का हर जख्म भर जाएगा।
सोशल मीडिया पर पोस्ट
- फोटो : अमर उजाला
उनके साथ इसी तरह बहुतों ने ‘हग डे’ मनाया। वेलेंटाइन वीक से जुड़े सकारात्मक संदेश देते ऐसे कई पोस्ट फेसबुक पर दिख जाएंगे। किसी में नारी का सम्मान तो किसी में परिवार और समाज से प्यार की अपील है।
व्हाट्स एप पर वेलेंटाइन वीक की नई परिभाषा
व्हाट्स एप पर भी वेलेंटाइन वीक की एक नई परिभाषा वायरल है। ऐसे ही एक संदेश में पति का गुलाब बनकर रोज डे, उसके सुख-दुख में साथ देने की बातें करके प्रपोज डे, अनाथ बच्चे को चॉकलेट खिलाकर चॉकलेट डे, अपने बच्चों को पीठ पर घुमाकर टेडी डे, माता-पिता की सेवा करने का वचन देकर प्रॉमिस डे मनाया गया है। इसी संदेश में आगे बच्चों से लिपटकर हग डे और परिवार के साथ हंसी-खुशी बीतने वाले दिन को वेलेंटाइन डे बताया गया है।
एक वेलेंटाइन ऐसा भी...
कलाकार अजय कुमार ने फेसबुक के जरिए शहरवासियों को ‘वेलेंटाइन महोत्सव’ का आमंत्रण दिया है। इसके लिए वेलेंटाइन डे पर वह सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक चेतना तिराहा और अपराह्न 1:30 से शाम चार बजे तक वह नौका विहार पर लोगों के स्केच बनाएंगे।
उन्होंने लोगों से वेलेंटाइन डे पर तोहफे में देने के लिए प्रियजनों का स्केच बनवाने का आमंत्रण दिया है। इससे होने वाली आय को वह असहाय, अक्षम, गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाने में खर्च करेंगे।