दो महत्वपूर्ण वैक्सीन खत्म होने की वजह से जिले में नियमित टीकाकरण अभियान ठप हो गया है। डीपीटी और इंजेक्टेबल पोलियो का टीका नहीं लग रहा है। जबकि दोनों ही टीके जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए लगना जरूरी है। अगस्त में करीब 60 हजार बच्चों को टीके नहीं लगे। अब स्वास्थ्य महकमा पत्र लिखकर जल्द से जल्द टीका मंगाने की कोशिश कर रहा है ताकि इन छूटे हुए बच्चों को टीका लगाया जा सके।
जन्म से लेकर पांच साल तक के बच्चों को तमाम बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी टीके मुफ्त हैं और एडी हेल्थ की निगरानी में टीके रखे जाते हैं। टीकाकरण की तय लिस्ट के हिसाब से एक साल से कम आयु के बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो का इंजेक्शन लगाया जाता है। पोलियो खुराक के साथ ही इंजेक्शन भी देना होता है मगर कई दिनों से यह खत्म हो चुका है।
डीपीटी का टीका जो कई बीमारियों से बचाव के लिए लगाया जाता है वह भी खत्म होने की वजह से नहीं लगाया जा रहा है। मंडल में दवा व वैक्सीन की आपूर्ति अपर निदेशक स्वास्थ्य के ड्रग स्टोर से होती है। ड्रग स्टोर में वैक्सीन का स्टॉक पूरी तरह से खत्म हो चुका है। जब टीका एकदम खत्म हो गया तब एडी हेल्थ को इसकी याद आई है और उन्होंने इंजेक्टेबल पोलियो वैक्सीन और डीपीटी की दो-दो लाख वॉयल की मांग की है।
डीपीटी और इंजेक्टेबल पोलियो वैक्सीन खत्म हो गई। वैक्सीन की आपूर्ति लखनऊ से होनी है। जिसके लिए अपर निदेशक को भी पत्र लिखा गया है।
- डॉ. रवींद्र कुमार, सीएमओ