गोरखपुर। रोजमर्रा के खान-पान में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों में सबसे ज्यादा तेल और घी की शुद्धता को लेकर शहर के लोग चिंतित हैं। शायद यही वजह है कि एक महीने में अपने खर्च पर 20 लोगों ने जांच के लिए नमूना दिया। इनमें से करीब 70 फीसदी लोगों ने तेल और घी का नमूना दिया है।
खाद्य सुरक्षा महकमे का कहना है कि सभी के नमूने एकत्रित कर जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। अगले महीने तक सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट आ जाएगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि रिपोर्ट में होती है तो महकमा आवेदकों से जानकारी प्राप्त कर खुद संबंधित दुकान से उक्त ब्रांड के खाद्य पदार्थों का नमूना लेगा। जांच में नमूने फेल हो जाते हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
तेल और घी के अलावा कुछ लोगों ने बेसन, बर्फी, मठरी और बिस्किट की जांच कराने के लिए नमूने दिए हैं। जांच कराने वालों में आम आदमी के साथ ही कुछ दुकानदार भी शामिल हैं। इन दुकानदारों का मानना है कि वे भी दूसरों से उत्पाद खरीदकर बेचते हैं। मगर किसी भी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता अगर खराब मिलती है तो उनकी भी साख खराब होती है। लोग उन पर संदेह करते हैं, बिक्री भी प्रभावित होती है।
नमूना देने वाले आम लोगों की राय है कि ज्यादातर सामान वे अपने मोहल्ले की किराना दुकानों या फिर शॉपिंग मॉल से लेते हैं। ऐसे में अगर थोड़ी रकम खर्च कर रोजमर्रा की इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पता चल जाती है तो संतुष्टि हो जाएगी। मसला सेहत का हो तो समझौता ठीक नहीं।
आप भी करा सकते हैं खाद्य सामग्री की जांच
गोरखपुर। जिले का कोई भी व्यक्ति खाने-पीने के सामानों की जांच करा सकता है। इसके लिए उसे प्रत्येक सामग्री की जांच के लिए एक हजार रुपये खर्च करने होंगे। अगर आपको खाने-पीने के सामान की गुणवत्ता जांचनी है तो पहले खाद्य सुरक्षा महकमे के अभिहीत अधिकारी अजीत कुमार के मोबाइल नंबर 9450725235 या मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के मोबाइल नंबर 9454468595 पर फोन कर सूचना देना होगा।
निर्धारित प्रारूप पर बैंक में रकम जमा करने के बाद महकमे की टीम खुद आपके घर जाएगी और नमूना एकत्रित कर उसे जांच के लिए लैब भेजेगी। करीब एक से दो महीने के भीतर जांच रिपोर्ट आ जाएगी।
सब्जी, पान मसाला तक की जांच सकते हैं गुणवत्ता
गोरखपुर। पहले सिर्फ दूध एवं उससे बने उत्पादों की ही जांच कराने की सुविधा थी मगर मिलावटखोरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने संजीदगी दिखाई है। 22 दिसम्बर 2014 से सरकार ने दूध और उससे बनने वाले उत्पादों के अलावा तेल एवं वनस्पति, फल व सब्जी, खाद्यान्न एवं दलहन व उनके उत्पाद, मिठाइयां व कंफेक्शनरी, मीठा करने वाले तत्व, नमक, मसाले व अन्य संबंधित उत्पाद, चाय, कॉफी, पान मसाला एवं संबंधित उत्पाद, पका हुआ भोज्य पदार्थ समेत प्रोपराइटरी खाद्य पदार्थ की भी जांच कराने की सुविधा दे दी।
यही नहीं शासन ने खाद्य सुरक्षा महकमे को इस सुविधा का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया। समय-समय पर इसकी मानीटरिंग भी की जा रही है। हाल ही में शासन के निर्देश पर महकमे ने 19 नवंबर को ह्वी पार्क और एक दिसंबर 2015 को साहबगंज मंडी में कैंप लगाकर लोगों को इसके प्रति जागरूक किया।
बयान............
‘आसान सी प्रक्रिया पूरी कर कोई भी व्यक्ति अपने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करा सकता है। इसे लेकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। पहले की तुलना में लोग जागरूक भी हुए हैं। एक महीने के भीतर शहर और देहात समेत करीब 20 लोगों ने विभिन्न खाद्य पदार्थों की जांच के लिए नमून जमा करवाए, जिन्हें जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। जल्द ही जांच रिपोर्ट भी आ जाएगी।’- अजीत कुमार, अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग