जिले के 196 केंद्रों पर होगी यूपी बोर्ड परीक्षा
गोरखपुर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा जिले के 196 केंद्रों पर कराई जाएगी। इस पर जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय परीक्षा समिति ने बुधवार को अंतिम मुहर लगा दी है। विवादों से घिरे, ब्रांड बैंड कनेक्शन और सीसीटीवी कैमरे न लगवाने वाले 25 परीक्षा केंद्र सूची से बाहर कर दिए गए हैं। इस बार की परीक्षा में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के एक लाख 47 हजार 612 विद्यार्थी शामिल होंगे।
कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिला स्तरीय परीक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें उपजिलाधिकारियों की रिपोर्ट का अध्ययन किया गया। जिन विद्यालयों की रिपोर्ट अच्छी थी, उसमें से 25 नए विद्यालयों को केंद्र की सूची में शामिल किया गया। इन केंद्रों के नाम का एलान जल्द ही होगा। जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया ने बताया कि लड़कियों के परीक्षा केंद्र पांच किलोमीटर और लड़कों के केंद्र 10 किलोमीटर दूर भेजे गए हैं। जिन विद्यालयों को केंद्र की सूची से बाहर किया गया है, उनके विद्यार्थियों को दूसरी जगह परीक्षा दिलवाई जाएगी। इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
18 फरवरी से शुरू होंगी यूपी बोर्ड की परीक्षाएं
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होंगी। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के विद्यार्थी 22 मार्च तक पेपर देंगे। इसका विस्तृत शेड्यूल पहले ही जारी किया जा चुका है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
एक नजर में
हाईस्कूल 78908
इंटरमीडिएट 68704
काली सूची डाले गए केंद्र फिर हटाए
शैक्षिक सत्र 2018-19 की बोर्ड परीक्षा में नकल कराने वाले पांच विद्यालयों को काली सूची में डाला गया था। इसके बावजूद माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बना दिया। यह मामला जिला स्तरीय परीक्षा समिति की बैठक में बुधवार को रखा गया। जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन और जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया की मौजूदगी वाली बैठक में पांचों केंद्रों को सूची से बाहर करने पर मुहर लगा दी गई। इसमें भारतीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जसवल, श्रीकृष्ण कृषि उद्योग उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नइयापार, श्याम कृष्ण इंटर कॉलेज खवईपार, आनंद विद्यापीठ इंटर कॉलेज ककरही और डॉ. श्यामा प्रसाद इंटर कॉलेज लुहसी का नाम शामिल है।
20 और विद्यालय परीक्षा सूची से बाहर
प्रबंधकीय विवाद और सीसीटीवी कैमरे न लगवाने वाले 20 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर कर दिया गया है। इसमें से 10 विद्यालय प्रबंधकीय विवाद, कम स्टाफ और प्रधानाचार्य की तरफ से परीक्षा कराने से इंकार की वजह से हटाए गए। 10 विद्यालय ऐसे थे, जहां ब्राडबैंड कनेक्शन, राउटर और सीसीटीवी कैमरा नहीं था। इन केंद्रों की जांच उपजिलाधिकारियों से कराई गई थी। उपजिलाधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही केंद्रों को बदलने का फैसला किया गया। इसकी सूची जल्द ही सार्वजनिक होगी।
विद्यार्थियों की संख्या 4077 कम हुई
परीक्षाओं में सख्ती की वजह से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का आवेदन फार्म भरने वाले विद्यार्थियों की संख्या 4077 कम हो गई है। 2018-19 की बोर्ड परीक्षा में जहां 1.51 लाख 689 विद्यार्थी शामिल हुए थे, वहीं 2019-20 में विद्यार्थियों की संख्या 1.47 लाख 612 है। हाईस्कूल का आवेदन फार्म भरने वाले विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा गिरी है। जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया का कहना है कि नकल पर सख्ती की वजह से प्राइवेट फार्म भरने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम हुई है।