उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए नियम बनाए हैं। इसके अनुसार, परीक्षार्थियों की हाजिरी परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे बाद केंद्र व्यवस्थापकों को एसएमएस से भेजनी होगी। साथ ही गैरहाजिर विद्यार्थियों के फोटो जांच पत्र से खींचकर वाट्सएप के जरिए भेजने हाेंगे। इसके लिए सिम शिक्षा विभाग देगा और मोबाइल फोन की व्यवस्था केंद्र व्यवस्थापकों को खुद करनी होगी।
इस संबंध में महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में शनिवार को डीआईओएस एएन मौर्या ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों और प्रधानाचार्यों को नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए आवश्यक निर्देश दिए। डीआईओएस ने कहा कि नई व्यवस्था से किसी भी गैरहाजिर विद्यार्थी की जगह कोई दूसरा या बाद में परीक्षा नहीं दे सकेगा। पूरी परीक्षा पारदर्शी होगी। उन्होंने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को सिमकार्ड देते हुए कहा कि कि एंड्रॉयड मोबाइल खुद खरीदें। उसका बिल देने पर परीक्षा मद से भुगतान कराया जाएगा। डीआईओएस ने कहा कि 15 फरवरी को डीएम की अध्यक्षता में बैठक होगी, जिसमें जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, सचल दस्ता सहित सभी जानकारी केंद्र व्यवस्थापकों को दी जाएगी।
कॉलेजों में भेजे गए प्रश्नपत्र
परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र का वितरण शनिवार को राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में किया गया। दोपहर से ही प्रश्नपत्र लेने के लिए भारी भीड़ लगी रही। देर शाम तक प्रश्नपत्र लेकर कॉलेजों से आए प्रतिनिधि रवाना हुए। परीक्षा प्रभारी देवेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को भी प्रश्नपत्रों का वितरण किया जाएगा। इसके बाद कक्ष निरीक्षकों की सूची कॉलेजों को भेजी जाएगी।