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उज्वला योजनाः कनेक्शन में हेराफेरी कर किया गया लाखों का घोटाला, जांच शुरू

Tue, 19 Nov 2019 02:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो शिवम सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर
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उज्जवला योजना - फोटो : फाइल फोटो
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आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन देने में हेराफेरी कर लाखों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। गोरखपुर के साथ ही देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर के ग्रामीण इलाकों के एजेंसी संचालकों ने योजना के तहत न्यूनतम दर पर पेड कनेक्शन के रुपये वसूले, फिर भी उपभोक्ताओं को लोन कोटे में डालकर एजेंसी का कर्जदार बना दिया।

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सब्सिडी उपभोक्ता के पास न जाकर एजेंसी मालिक के बैंक अकाउंट में पहुंच रही है। इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) की जांच में घोटाले की पुष्टि हुई है। इसी आधार पीपीगंज, गोरखपुर की आशीष इंडेन गैस सर्विस पर जुर्माना लगाया गया है। बेलीपार की अनुपम गैस एजेंसी के खिलाफ भी जांच चल रही है।

उज्ज्वला योजना के तहत दो तरह के कनेक्शन दिए जाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 1800 रुपये में गैस सिलिंडर, चूल्हा, पाइप दिया जाता है। इनके सिलिंडर दोबारा भरवाने पर सब्सिडी की पूरी रकम खाते में जाती है। वहीं, आर्थिक रूप से बेहद कमजोर लोगों को लोन पर कनेक्शन दिया जाता है। इसमें कनेक्शन दिए जाते समय कोई रकम नहीं ली जाती, लेकिन गैस सिलिंडर भरवाने पर खाते में आने वाली सब्सिडी से किस्तों में 1800 रुपये वसूल किए जाते हैं।
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पूरा ‘खेल’ आर्थिक रूप से बेहद कमजोर लोगों को कनेक्शन देने में किया गया। दरअसल, उपभोक्ताओं से पेड यानी 1800 रुपये लेकर कनेक्शन दिए गए, लेकिन रिकॉर्ड में उन्हें लोन कोटे में डाला गया। इसका असर हुआ कि उपभोक्ता एजेंसी के कर्जदार तो हुए ही 1800 रुपये चुकाने तक सब्सिडी से भी वंचित हो गए।

इन लोगों को एजेंसी से लोन भरने के फोन भी आने लगे। सब्सिडी से संबंधित शिकायतों की सुनवाई का विकल्प मात्र गैस एजेंसी पर होने के कारण काफी समय तक घोटाले की भनक नहीं लग सकी। लेकिन अब जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता वाली उज्ज्वला योजना में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया तो हड़कंप मच गया।

आनन-फानन में जिलापूर्ति अधिकारी आनंद सिंह ने जांच कमेटी गठित कर दी। इस टीम ने पीपीगंज की आशीष इंडेन गैस एजेंसी पर जाकर जांच-पड़ताल की और रिपोर्ट आईओसी के अफसरों को सौंप दी। अब आईओसी ने एजेंसी संचालक पर जुर्माना ठोंका है।

अनुपम गैस एजेंसी पर गड़बड़ी किए जाने का मामला भी सामने आया है। पता चला कि नौसड़ के ग्रामीणों ने जिलापूर्ति अधिकारी दफ्तर पर प्रदर्शन करके ज्ञापन सौंपा था। कई ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पूरे मामले की जांच कमेटी कर रही है। आईओसी के अफसरों के मुताबिक मामला बेहद गंभीर है। जो एजेंसी संचालक गड़बड़ी में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

आशीष इंडेन गैस एजेंसी पीपीगंज में गड़बड़ी की गई थी। जांच में आरोप सही पाया गया। एजेंसी संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यदि अन्य एजेंसियों पर भी इस तरह का मामला सामने आया तो सभी जगहों पर जांच कराके कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी फील्ड अफसरों से रिपोर्ट मांगी गई है। - मुनीश गुप्ता, चीफ एरिया मैनेजर आईओसी

अनुपम गैस एजेंसी के उपभोक्ताओं ने भ्रष्टाचार का मामला उठाया था। मामले की जांच कमेटी कर रही है। मामला सही पाया गया तो विभागीय कार्रवाई के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
- आनंद सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी

उज्ज्वला योजना में गड़बड़ी पर छह महीने पहले जुर्माना लगा था, फिर जुर्माना लगाए जाने की जानकारी नहीं है। - पवन वर्मा, प्रोपराइटर आशीष इंडेन गैस
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एजेंसी द्वारा लोन कनेक्शन ही काटा गया था। रुपये नहीं लिए गए थे। कुछ स्थानीय लोगों ने एजेंसी के नाम पर रुपये लिए हैं। आरोप निराधार है। - ओम सत्य, प्रोपराइटर, अनुपम इंडेन गैस एजेंसी

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