एक ही नाम के दो शिक्षक, एक असली और एक नकली। है ना चौंकाने वाली बात, लेकिन परिषदीय स्कूलों में फर्जी नाम पर नौकरी हासिल करने के ऐसे ही तीन मामले पकड़े गए हैं। एक में तो महिला शिक्षक को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि दो मामलों में जांच कराने की तैयारी है।
बलरामपुर की महिला शिक्षक अनीता सिंह ने शिकायत की थी कि उनके नाम पर गोरखपुर के कौड़ीराम इलाके में भीटी प्राथमिक विद्यालय में एक महिला नौकरी कर रही है। महिला ने उनके नाम का फर्जी नियुक्ति पत्र लगाया है। शिकायत पर पहले असली शिक्षक के अंक पत्र और नियुक्ति के साथ निवास प्रमाण पत्र की जांच कराई गई जो सही मिले। इसके बाद जब फर्जी नियुक्ति पत्र लगाने वाली महिला की कुंडली खंगाली गई तो सच्चाई सामने आ गई। वह महिला फर्जी अनीता सिंह बनकर नौकरी कर रही थी। इसी तरह संतकबीरनगर के प्राथमिक विद्यालय सिंघापुर के शिक्षक राम सागर चौधरी एवं प्राथमिक विद्यालय ददरी हरदो, नाथनगर के रामकरन ने भी बीएसए से शिकायत की है कि उनके नाम पर पिपराइच में दो शिक्षक 10 सालों से नौकरी कर रहे हैं और वेतन उठाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
बीएसए ओपी यादव ने बताया कि फर्जी अनीता सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है। जल्द उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा समिति गठित कर संतकबीरनगर प्रकरण की जांच कराई जाएगी।