जिला महिला अस्पताल में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों में एक अपने उपर मिट्टी का तेल उड़ेलते हुए।
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जिला महिला अस्पताल में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने से नाराज सफाई कर्मियों ने सोमवार सुबह अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा मचाया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों में दो ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेल आत्मदाह की कोशिश की। वहां मौजूद कर्मचारियों ने पुलिस को फोन कर इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कर्मचारियों को समझा-बुझाकर शांत करा वापस भेजा।
जिला महिला अस्पताल में सेवा प्रदाता फर्म अवनी परिधि की तरफ से 24 सफाई कर्मियों की तैनाती थी। अस्पताल प्रशासन ने अप्रैल माह से इनकी सेवा रोक दी। शासनादेश के आधार पर इनमें से 12 कर्मियों को एक साल का सेवा विस्तार अस्पताल प्रशासन ने मंजूर कर लिया। इसी बात से नाराज अन्य कर्मचारियों ने मंगलवार को सेवा बहाली की मांग लेकर जमकर प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि उनकी सेवा भी बहाल की जाए। प्रदर्शन कर सफाई कर्मियों ने सबसे पहले गेट बंद करने का प्रयास किया है। इसके बाद अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पूरे अस्पताल में घूमते रहे। इसी बीच प्रदर्शन कर रहे दो कर्मचारियों ने शरीर पर मिट्टी का उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास करने लगे। वहां मौजूद कर्मचारियों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया।
डीएम दफ्तर में किया प्रदर्शन
पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मियों को समझा-बुझाकर भेजने के बाद वे डीएम दफ्तर पहुंच गए। इस दौरान वे डीएम कक्ष में मिलने गए लेकिन वे मौजूद नहीं थे। सूचना मिलने पर उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट बीपी श्रीवास्तव को मामले के निपटारे की जिम्मेदारी दी।
एसआईसी को किया तलब
प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मियों की मांग सुन सिटी मजिस्ट्रेट ने एसआईसी एके गुप्ता को कार्यालय बुलवाया। वहां दोनों पक्षों को आमने-सामने कर उनका पक्ष सुना। एसआईसी ने शासन के निर्देश का हवाला देकर लाचारगी जताई। इसके बाद उन्होंने एसआईसी से ही मामले के संबंध में बीच का रास्ता निकालने को कहा।
अपर निदेशक स्वास्थ्य वापस लौटे
जिला अस्पताल के निरीक्षण के बाद एडी हेल्थ पुष्कर आनंद सीधे जिला महिला अस्पताल पहुंचे। वहां प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मियों को देख वापस लौट गए।