गोरखपुर। सूदखोरों की धमकी से भयभीत एक दुकानदार ने रविवार सुबह खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। घर वालों और पड़ोसियों ने गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। तिवारीपुर पुलिस मोहल्ले में सूद का धंधा करने वाले दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
घटना के केंद्र में सिधारीपुर के रहने वाले सुधीर कुमार गुप्ता (45) हैं, जो घर में ही किराने की दुकान चलाते हैं। दो साल पहले उन्होंने मोहल्ले में सूद का धंधा करने वाले लोगों से रकम उधार ली थी। मूलधन की वापसी के बाद भी ब्याज और चक्रवर्ती ब्याज की वसूली के नाम पर सूद देने वालों ने दबाव बना रखा है।
लगातार प्रताड़ना के बाद अब उन्हें जान से मारने की धमकी तक दे डाली। इससे सहमे सुधीर ने रविवार की सुबह नौ बजे घर के बाथरूम में खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। धुआं देख पत्नी चिल्लाईं तो घर के बाहरी हिस्से में दुकान पर मौजूद बेटे हर्ष और यश मौके पर पहुंचे। पड़ोसियों की मदद से आग काबू करके सुधीर को झुलसी हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
सुधीर की पत्नी सविता ने पति के आत्मदाह की कोशिश के पीछे सूदखोरों की धमकी को मुख्य वजह बताते हुए पुलिस को बयान दिए। यह भी बताया कि जुलाई 2015 में घर के पास से सूदखोरों ने उन्हें अगवा कर लिया था लेकिन फौरन ही जानकारी पुलिस तक पहुंच जाने से रास्ते में छोड़कर भाग गए। तिवारीपुर के एसओ ने मोहल्ले में सूद का धंधा करने वाले दो लोगों को हिरासत में लिया है। एसपी (सिटी) हेमराज मीणा ने बताया कि एसओ को जांच कर दोषियों के साथ सख्ती से पेश आने के निर्देश दिए हैं।
नौकरी जाने पर खोली थी दुकान
परिवार में तीन भाइयों में दूसरे के नंबर सुधीर पहले प्र्राइवेट नौकरी करते थे। नौकरी छूट जाने पर जीवकोपार्जन के लिए सिधारीपुर स्थित घर के अगले हिस्से में किराने की दुकान खोल ली थी। सुधीर का बड़ा बेटा हर्ष (15) एमजी इंटर कॉलेज में कक्षा 11 और छोटा बेटा यश सरस्वती विद्या मंदिर सूर्यकुंड में कक्षा आठ का छात्र है। दुकान के संचालन के लिए ही कर्ज लेने की नौबत आई थी।
घर वालों को कर्ज की रकम का अंदाजा नहीं
दो साल पहले सुधीर ने कितना कर्ज लिया था, इसकी जानकारी परिवार के लोगों को नहीं है। जिला अस्पताल में मौजूद बेटे हर्ष के साथ ही सुधीर के साले आलोक गुप्ता का कहना था कि सुधीर ने रकम के बारे में कभी किसी को कुछ नहीं बताया।