जिला अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर खोलने की पहल शुरू कर दी गई है। शासन की ओर से इसके लिए जगह की मांग की गई है। पत्र आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी तेजी दिखाते हुए आरडीसी (क्षेत्रीय निदान केंद्र) के सामने खाली पड़ी जमीन को चिह्नित किया है। हालांकि, अभी इस पर आखिरी मोहर नहीं लग पाई है। जल्द ही जमीन की रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
सड़क हादसों या किसी भी बड़े हादसे से निपटने के लिए ट्रॉमा सेंटर की जरूरत होती है। यह सेंटर अभी तक सिर्फ बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ही उपलब्ध है। हादसे के बाद मरीज पहले जिला अस्पताल आते हैं और यहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। कई बार गंभीर रूप से घायल लोगों की रेफर करने के दौरान मौत तक हो जाती है। इनको रोकने के लिए ट्रॉमा सेंटर की पहल की गई है। सबकुछ ठीक रहा तो जिला अस्पताल में भी ट्रॉमा सेंटर खुल जाएगा। इससे उन लोगों को भी राहत मिलेगी जिनके लिए मेडिकल कॉलेज दूर हैं और मजबूरी में प्राइवेट नर्सिंग होम इलाज कराने जाते हैं।
शासन की ओर से जमीन मांगी गई है। आरडीसी के सामने की जगह को चिह्नित किया गया है अन्य स्थानों की भी तलाश की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
- डॉ. एचआर यादव, एसआईसी