ट्रेजरी में देर रात तक काम चलता रहा।
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मार्च माह के आखिरी दिन शुक्रवार को आधी रात तक ट्रेजरी में चहल-पहल बनी रही। रात 12 बजे तक दफ्तर की लाइटें जलती रहीं अफसर-कर्मचारी बिल और कप्यूटर से चिपके रहे। मोटी रकम के तौर पर अंतिम दिन करीब दर्जन भर विभागों को 25 करोड़ रुपये से अधिक मिले। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों, कर्मचारियों के वेतन मद का करीब डेढ़ करोड़ रुपये शासन को लौटाया भी गया। विभाग को वेतन मद में यह रकम अधिक मिल गई थी।
कोषागार विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को चिड़िया घर की स्थापना के लिए 14.50 करोड़ रुपये, एमएमएमयूटी को निर्माण कार्य के लिए 5.10 करोड़ तो पंचायतीराज विभाग को 3.55 करोड़ रुपये मिले। इसी तरह कृषि विभाग को 1.04 करोड़ रुपये मिले। मेडिकल कालेज को साढ़े तीन करोड़ रुपये का फंड मिला। इनमें एक करोड़ वेतन तो डेढ़ करोड़ रुपये दवा खरीद के मद में मिले। माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के वेतन के लिए 1.10 करोड़ रुपये मिले। ज्यादातर विभागों को वेतन मद में ही रुपये मिले। इसके अलावा कई विभागों को 50 हजार से लेकर तीन-चार लाख रुपये का भी फंड मिला। लेन-देन में कोई दिक्कत न हो, इसलिए डीएम के निर्देश पर एसबीआई की मुख्य शाखा भी रात 12 बजे तक खुली रही और वहां के भी अफसर-कर्मचारी बैंक में जमे रहे।
इन्हें मिला लाखों का फंड
आरएफसी-17.50 लाख
डायट- 40 लाख
पुलिस विभाग- 58 लाख
डीपीओ कार्यालय- 38 लाख
आपदा- 10 लाख
कोषागार - 14 लाख