गोरक्ष पीठाधीश्वर और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में जानने को इच्छुक लोगों को निराश होने की जरूरत नहीं। योगी के जीवन पर लिखी गई पुस्तक जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगी। इस पुस्तक में योगी के बाल्यावस्था से लेकर मुख्यमंत्री तक के सफर से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी फोटो के साथ होगी। प्रभात पब्लिकेशन से प्रकाशित होने वाली इस पुस्तक के लिए तथ्य और फोटो के संकलन का काम मंदिर से जुड़े लोगों ने शुरू कर दिया है। यह पुस्तक 150 से 175 पृष्ठ की होगी। प्रारंभिक दौर में करीब 10 हजार प्रतियां प्रकाशित करने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ के बारे में जानने को लेकर देश ही नहीं विदेशों में भी लोगों के बीच कौतूहल है। जितनी भी जानकारी लोगों को है वे उसे फोटो के साथ सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं, लेकिन इनमें बहुत सी भ्रांतियां हैं। मंदिर से जुड़े लोगों का मानना है कि पुस्तक के छपने के बाद ये भ्रांतियां दूर हो जाएंगी क्योंकि इसमें सारे तथ्य प्रमाणिक होंगे। पुस्तक का शीर्षक अभी तय नहीं है लेकिन लोगों के लिए इसमें बहुत सारी नई जानकारियां होंगी।
प्रभात पब्लिकेशन के मालिक प्रभात बताते हैं पुस्तक में योगी आदित्यनाथ के जन्म, घर, परिवार, पढ़ाई से लेकर गोरखनाथ मंदिर में पहली बार आगमन और पीठ के उत्तराधिकारी बनने से लगायत पहली बार सांसद तथा मुख्यमंत्री बनने तक की सारी जानकारी रहेगी। पुस्तक के लिए जरूरी तथ्य और फोटो संकलित होने के बाद योगी से विमर्श कर प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के बाद ही इसे प्रकाशित किया जाएगा। इस काम में दो माह का वक्त लग सकता है।
ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ पर भी छपे हैं तीन ग्रंथ
गोरखनाथ मंदिर से जुड़े धार्मिक ग्रंथ, पुस्तकों का प्रकाशन पहले भी दिल्ली का प्रभात पब्लिकेशन कर चुका है। ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की स्मृति में तीन ग्रंथ प्रकाशित हो चुके हैं। अभी पिछले दिनों मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार 26 मार्च को गोरखनाथ मंदिर आए योगी आदित्यनाथ ने योगीराज बाबा गंभीरनाथ की स्मृति में एक पुस्तक का लोकार्पण भी किया था।