कोहरे में ड्यूटी से हटे तो पकड़े जाएंगे पेट्रोलिंग मैन
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में अब रेलवे ट्रैक की मेंटेनेंस करने वाले पेट्रोलिंग मैन (ट्रैकमैन और कीमैन) की निगरानी जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) बेस्ड आधारित ट्रैकर से होने लगी है। 2350 ट्रैकमैन व की मैन को ट्रैकर दे दिए गए हैं। कोहरे में अगर वे ड्यूटी से हटे तो उनका सही लोकेशन अधिकारी जान जाएंगे। इस तकनीकी में इस्तेमाल में होने वाले संयंत्र में लगे इमरजेंसी बटन से ट्रैक की गड़बड़ी की जानकारी भी स्टॉफ तत्काल दे सकेंगे।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस तकनीकी के इस्तेमाल से रेल हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही पुरानी पद्धति को भी कायम रखा गया है। जिसमें एक खंड में दोनों तरफ से पेट्रोलिंग करते हुए रेलकर्मी जाते हैं और जहां मिलते हैं वहां एक दूसरे को मेमो देते हैं। वापस लौटने पर इस मेमो को जमा कर देते हैं। नई व्यवस्था के तहत मेमो में अगर हेराफेरी होती है तो भी पकड़ में आ जाएगी। मानीटरिंग करने वाले अधिकारी कभी भी पेट्रोलिंग मैन का लोकेशन पूछकर ट्रैकर से चेक कर सकते हैं।
मंडल मुख्यालय से होगी निगरानी
जीपीएस बेस्ट ट्रैकर से रेलवे ट्रैक के मेंटेनेंस में लगे स्टॉफ के लोकेशन की निगरानी मंडल मुख्यालय से की जाएगी। इसके लिए तीनों मंडल और मुख्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। ट्रैक मेंटेनेंस में लगे सभी स्टॉफ के नाम के साथ एक कोड दिया गया है। इस कोड को क्लिक करते ही उउसकी लोकेशन कंप्यूटर स्क्रीन पर आ जाएगी।
एनईआर के तीन मंडल में स्टॉफ का ग्राफ
मंडल संख्या
लखनऊ 771
वाराणसी 933
इज्जतनगर 646
कोट
जीपीएस बेस्ड ट्रैकर से स्टॉफ और मोटर ट्राली की मानीटरिंग शुरू कर दी गई है। कोहरे में इससे काफी मदद मिलेगी। कोई भी स्टॉफ गलत जानकारी देगा तो पकड़ा जाएगा।
पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ एनईआर