वाहन चलाते समय आप जितनी बार नियम तोड़ेंगे, उतना ही ज्यादा जुर्माना भरना पड़ेगा। ड्राइविंग पर पाबंदियां भी बढ़ जाएंगी। इसके प्रावधान नए मोटरयान विधेयक में किए गए हैं। यहीं नहीं, सड़क की डिजाइन, निर्माण और मरम्मत कार्य में गड़बड़ी मिली तो कार्यदाई संस्था पर एक लाख रुपये जुर्माना ठोंका जाएगा। सड़क सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग व कार्यदाई संस्था की रहेगी।
बार-बार की गलती यूं पड़ेगी भारी
खतरनाक ड्राइविंग पर पहली बार 1,000 से 5,000 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही ड्राइविंग पर 6 महीने से एक साल का प्रतिबंध। दूसरी गलती पर जुर्माना 10,000 और ड्राइविंग पर दो साल का प्रतिबंध।
शराब पीकर वाहन चलाने पर पहली बार जुर्माना 10,000 और छह महीने तक ड्राइविंग पर पाबंदी। दूसरी बार जुर्माना 15,000 और ड्राइविंग पर पाबंदी दो साल।
मानसिक और शारीरिक रूप से अनफिट होने के बाद भी वाहन चलाया तो पहली बार जुर्माना 200 से 500 और दूसरी बार 500 से 2,000 रुपये।
एक्सीडेंट पर पहली बार जुर्माना 5,000 और ड्राइविंग पर छह महीने की पाबंदी। दूसरी बार में जुर्माना 10,000 व ड्राइविंग पर पाबंदी एक साल।
ओवर स्पीडिंग, रेसिंग पर पहली बार 500 जुर्माना व ड्राइविंग पर एक महीने की पाबंदी। दूसरी बार में जुर्माना 10,000 व पाबंदी एक महीने की।
बिना परमिट वाहन चलाने पर पहली बार में जुर्माना 10,000 व ड्राइविंग पर छह महीने की पाबंदी। दूसरी बार में पाबंदी एक साल की और जुर्माना 10,000।
बिना इंश्योरेंस वाहन चलाया तो भी जुर्माना
इंश्योरेंस के बगैर वाहन चलाने पर पहली बार में जुर्माना 1000-2000 रुपये और 3 महीने की दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। इस मामले में दूसरी बार फंसे तो जुर्माना 4000 रुपये देना होगा। दंडात्मक कार्रवाई तीन महीने ही रहेगी।
वैधता खत्म होने से पहले कराना होगा लाइसेंस का रिन्यूवल
ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) की वैधता खत्म होने से पहले रिन्यूवल नहीं कराया गया तो वह स्वत: निरस्त हो जाएगा। इसके बाद डीएल के लिए नया आवेदन फार्म भरना होगा। ऐसी व्यवस्था नए मोटर अधिनियम में की गई है। इसके मुताबिक लाइसेंस रिन्यूवल के लिए एक महीने तक दी जाने वाली अतिरिक्त समयसीमा खत्म कर दी गई है। अब वैधता खत्म होने से पहले ही लाइसेंस का रिन्यूवल कराना अनिवार्य होगा।
टोल फ्री नंबर जारी
ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर आ रही दिक्कतों को दूर कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 18001800152 जारी किया गया है। परिवहन विभाग की तरफ से जारी इस नंबर पर डायल करके लाइसेंस से संबंधित जानकारी ली जा सकती है।
जहां चाहें, वहीं बनवाएं डीएल
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए राज्य या फिर जिले की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब आप जिस शहर में रहते हैं, वहां का अस्थायी निवास प्रमाण पत्र लगाकर लाइसेंस बनवा सकते हैं। हालांकि स्थायी निवास प्रमाण पत्र भी लगाना पड़ेगा। यह व्यवस्था भी नए मोटर अधिनियम में है।
साफ्टवेयर अपडेट करने का काम चल रहा है। नए मोटर अधिनियम में जुर्माने के साथ ड्राइविंग पर पाबंदी के प्रावधान हैं। एक बार से ज्यादा गलती पर ज्यादा जुर्माना, पाबंदी झेलनी पड़ सकती है।
- श्याम लाल, एआरटीओ प्रशासन