बेटे की जिद नहीं, कानून समझिए, वरना आप हो जाएंगे अंदर
अविनाश श्रीवास्तव
गोरखपुर। लाड़-प्यार और जिद में बेटे या बेटी को बिना गियर की हैवी गाड़ी खरीदकर देंगे तो आप को जेल हो सकती है। यह जानकारी आपको डराने के लिए नहीं बल्कि सजग रहने को दी जा रही है। दरअसल, 16 से 18 की उम्र के बीच जो लाइसेंस बनते हैं, वह बिना गियर के लिए तो होते है लेकिन उसकी एक शर्त यह भी होती है कि गाड़ी 100 सीसी से कम होनी चाहिए। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया है कि सिर्फ एक ही स्कूटी ऐसी है जो इस मानक पर खरी है, बाकी सभी के इंजन 100 सीसी के ऊपर है और नए प्रावधान में जांच हुई तो अभिभावक फंस जाएंगे।
नई उम्र के छात्र/छात्राआें में वाहन का क्रेज तेजी से बढ़ा है। आठवीं कक्षा या फिर उससे भी पहले वाहन की चाह जगह बना चुकी है। मां-बाप भी उनकी इस नादानी पर हामी भर देते है। ऐसे में हादसा होने का खतरा हमेशा ही बना रहता है इस वजह से नए नियम कायदे बनाए गए हैं। जिसके तहत यदि बिना लाइसेंस या नियम विरुद्ध तरीके से किशोर वाहन चलाते हुए पकड़ा गया तो अभिभावक को जेल भेजा जाएगा। बस, इसी नियम के बाद एक बार फिर सभी पुराने नियम कायदे की पड़ताल कर उनको सख्ती से लागू करने की तैयारी कर ली गई है।
.....
यह है नियम
लाइट मोटर व्हीकल डीएल उन किशोरों के बनते हैं जिनकी उम्र 16 से 18 साल के बीच होती है। इस डीएल पर वह 100 सीसी से कम की बिना गियर वाली मोपेड चला सकते हैं।
ये सभी वाहन हैं 100 सीसी से अधिक
होंडा एक्टीवा
टीवीएस स्कूटी
हीरो प्लेजर
टीवीएस ज्यूपिटर
यामहा अल्फा
टीवीएस वेगो
होंडा एवीएटर
यह होगी कार्रवाई
नये परिवहन कानून के तहत जुर्माने की रकम काफी बढ़ा दी गई है। अब नाबालिगों के गाड़ी चलाने पर 25 हजार रुपये जुर्माना अभिभावकों से वसूला जाएगा, साथ ही अभिभावकों को दो साल की जेल भी हो सकती है।
कोट
बिना गियर की लाइसेंस में यह नियम होता है कि वाहन का इंजन 100 सीसी से कम हो। ऐसे में जांच में यदि गाड़ी हैवी होगी तो लाइसेंस अमान्य हो जाएगा और फिर अभिभावक कार्रवाई के जद में जाएंगे। नए नियम के तहत उन पर कार्रवाई की जाएगी।
श्याम लाल (एआरटीओ प्रशासन)