एमपी इंटर कालेज में श्रीमद् भागवत् कथा कहतीं साध्वी विश्वम्भरा भारती।
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साध्वी विश्वंभरा भारती ने बुधवार को भागवत कथा सुनाते हुए श्रद्धालुओं को बताया कि भगवान जब मानव को तन देता है तो उसके साथ ही जीवन का लक्ष्य भी निर्धारित कर देता है, जिसे मानव शरीर रहते ही प्राप्त करना होता है। लेकिन जब वह लक्ष्य के प्रति अयोग्यता प्रस्तुत करता है तो वह ईश्वर के दिए मानव तन के अधिकार से वंचित हो जाता है।
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से एमपी इंटर कॉलेज में आयोजित भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन साध्वी ने आत्मा और परमात्मा के संबंधों की व्याख्या की। उन्होंने भक्तों को आगाह किया कि समय रहते ही मनुष्य को आत्मा का ज्ञान प्राप्त कर लेना चाहिए। आत्मा का ज्ञान केवल गुरु की कृपा से संभव हो सकता है। गुरु का ज्ञान लेकर साधक अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है ओर तन की सार्थकता भी साबित कर सकता है।
साध्वी ने इस बात की पुष्टि के लिए भक्त प्रहलाद का उदाहरण दिया। प्रहलाद ने अपनी भक्ति से सिद्ध कर दिया कि ईश्वर है और साक्षात्कार भी किया जा सकता है। इस अवसर पर नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल, विजय बहादुर यादव, राजेश शर्मा, ब्रह्म भट्ट के अलावा संस्थान के स्वामी अर्जुनानंद, हरिदासानंद, विश्व स्वरूपानंद, विष्णु प्रकाशानंद आदि मौजूद रहे।