गोरखपुर। रजिस्ट्री महकमे में भ्रष्टाचार रोकने के लिए शासन बड़ा कदम उठाने जा रहा है। किसी भी संपत्ति का बैनामा कराने के लिए अब रजिस्ट्री दफ्तर में न तो स्टांप लेकर जाना होगा और न ही रजिस्ट्री फीस।
संपत्ति के मुताबिक स्टांप ड्यूटी का आकलन कराके संपत्ति खरीदने वाले को बैनामे और रजिस्ट्री की फीस की रकम बैंक में स्थित महकमे के खाते में जमा करनी होगी।
संबंधित सब रजिस्ट्रार ऑनलाइन व्यवस्था के जरिये यह जांचेंगे कि बैनामे के लिए जरूरी स्टांप और फीस की रकम खाते में जमा हो गई है या नहीं। सब कुछ सही पाए जाने पर बैनामा कर दिया जाएगा।
डीआईजी स्टांप आरए यादव और एआईजी स्टांप रामशंकर सिंह ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में बताया कि इस नई व्यवस्था को लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। नया साल शुरू होने के पहले ही इसे लागू कर दिया जाएगा।
शहरी क्षेत्रों के साथ ही तहसीलों के भी सभी रजिस्ट्री दफ्तरों को कंप्यूटरीकृत करने के पीछे एक वजह इस व्यवस्था को लागू करना भी है। स्टांप की व्यवस्था समाप्त होने के बाद डीड सादे पन्ने पर ही लिखी जाएगी।
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ट्रेजरी के डबल लॉक में रखा जाएगा बैनामे का रिकार्ड
बैनामा दस्तावेज को सुरक्षित करने के लिए शासन ने नया दिशा निर्देश जारी किया है। अब हर महीने के आखिरी दिन रजिस्ट्री के दस्तावेजों से संबंधित सीडी कोषागार के डबल लॉक में रखी जाएगी।
इसका फायदा यह होगा कि अगर रजिस्ट्री दफ्तर में रखे रिकार्ड खराब हो जाते हैं तो सीडी के तौर पर कोषागार में एक कॉपी सुरक्षित रहेगी।
एआईजी स्टांप ने बताया कि शासन के इस निर्देश के बारे में सब रजिस्ट्रार को बता दिया गया है। 30 नवंबर को इस महीने जिले के सभी रजिस्ट्री दफ्तरों में हुए बैनामे से संबंधित सीडी कोषागार को उपलब्ध करा दी जाएगी।