दीपावली पर शहर के 13 स्थानों पर पटाखों की अस्थाई दुकानें लगेंगी। इनमें कचहरी क्लब, जुबली इंटर कॉलेज, 10 नंबर बोरिंग, नीना थापा प्राइमरी स्कूल, चंपा देवी पार्क आदि स्थान शामिल हैं। दीपावली के तीन दिन पहले से इन स्थानों पर पटाखें की दुकानें सज जाएंगी। अस्थाई लाइसेंस के लिए दुकानदारों ने आवेदन करने शुरू कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी आवेदनों का पुलिस और अग्निशमन विभाग से वैरिफिकेशन कराया जा रहा है। सुरक्षा मानकों को पूरा करने की शर्तों पर ही लाइसेंस जारी किए जाएंगे। दुकानें सजने के बाद इसकी जांच भी की जाएगी।
इसके अलावा जिले के 59 और ठिकानों से पटाखे खरीदे जा सकते हैं। इनमें से 22 के पास पटाखा बेचने और 37 के पास पटाखा बनाने और उसे बेचने दोनों का स्थाई लाइसेंस है। इन दुकानों पर मानक से अधिक आवाज और विदेशों में बने पटाखे न बेचे जाए, प्रशासन जल्द ही इसकी जांच कराएगा। डीएम संध्या तिवारी का कहना है कि स्थाई और अस्थाई दोनों ही दुकानों पर मानकों को लेकर सघन जांच की जाएगी। पुलिस और प्रशासन सतर्क है। अग्निशमन विभाग को भी 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिया गया है।
उधर एडीएम सिटी रजनीश चंद्र ने बताया कि धनतेरस और दीपावली के मद्देनजर शहर को जोन और सेक्टर में बांट कर निगरानी की जाएगी। सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट तैनात करने की कार्रवाई की जा रही है। अस्पताल के बाहर और सड़कों आदि पर पटाखा फोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
सभी स्थानों पर रहेगी एक यूनिट : सीएफओ
गोरखपुर। चीफ फायर ऑफिसर सूर्यनाथ प्रकाश ने बताया कि दीपावली को लेकर अग्निशमन महकमा पूरी तरह सतर्क है। शहर के जिन 13 स्थानों पर पटाखों की अस्थाई दुकानें लगेंगी, उन जगहों पर विभाग की एक यूनिट तैनात की जाएगी। इसके अलावा घंटाघर, राजघाट, रसूलपुर, गोरखनाथ आदि भीड़-भाड़ वाले इलाकों के साथ ही कुछ थानों पर भी पानी के एक-एक टैंकर मौजूद रहेंगे। नगर निगम को भी पत्र लिखकर कहा गया है कि वे दीपावली से तीन दिन पहले से ही अपने सभी ट्यूबवेल पर एक-एक जेनरेटर की व्यवस्था कर दें, ताकि घटना के समय बिजली गुल होने पर बचाव कार्य प्रभावित न हो।