गोरखपुर यूनिवर्सिटी में एक छात्र को टोटल मार्क्स से करीब 500 नंबर ज्यादा देने का मामला प्रकाश में आया है। मॉनीटरिंग के अभाव में मार्क्स यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर अपलोड भी कर दिए गए। रिजल्ट चेक करने पर छात्र को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने यूनिवर्सिटी प्रशासन से संपर्क किया।
मामला सामने आते ही जिम्मेदारों को हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने गलती सुधारी। यूनिवर्सिटी एमए मनोविज्ञान के छात्र चंद्र प्रकाश यादव को फाइनल ईयर में टोटल 1000 मार्क्स में से 1497 मार्क्स दे दिए गए।
करीब एक सप्ताह पहले छात्र ने जब यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर रिजल्ट देखा तो वह चौंक गया। मार्क्स का प्रिंट आउट लेकर वह इलेेक्ट्रॉनिक डाटा प्रोसेसिंग (ईडीपी) सेल और फिर परीक्षा नियंत्रक के पास पहुंचा। जिम्मेदारों को गलती का एहसास होने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने गलती दुरुस्त की।
ईडीपी सेल से अपलोड होता है रिजल्ट
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के ईडीपी सेल से ही गोरखपुर यूनिवर्सिटी के रिजल्ट घोषित किए जाते हैं। यहीं से विद्यार्थियों को उनकी मार्कशीट भी जारी होती है। गड़बड़ी सामने आने पर जिम्मेदारों की ओर से दूसरे लोगों पर आरोप मढ़ दिए जाते हैं। इसकी बानगी एमए मनोविज्ञान के छात्र के साथ हुई घटना से आसानी से लगाया जा सकता है। सूत्रों की माने तो विभाग के ही आधा दर्जन विद्यार्थियों को भी इन्हीं हालात से गुजरना पड़ा है।
जारी होगा नोटिस
रिजल्ट वेबसाइट पर अपलोड करने का जिम्मा प्राइवेट एजेंसी को सौंपा गया है। कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में आई तकनीकी खराबी से गलत रिजल्ट अपलोड हुआ है। कार्यदायी एजेंसी को नोटिस जारी कर उससे जवाब तलब किया जाएगा।
- प्रो. अजय कुमार गुप्ता, ईडीपी सेल प्रभारी