गोरखनाथ मंदिर में मंगलवार से शुरू हो रहे संतों की चिंतन बैठक में देश भर से करीब डेढ़ हजार संत जुटेंगे। तीन दिनों तक चलने वाले ‘भारतीय संत सभा-चिंतन बैठक’ का उद्घाटन मंदिर परिसर स्थित दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में सुबह 11 बजे राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी करेंगे।
ये जानकारी महंत आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि दरअसल राष्ट्रहित चिंतन प्रकिया में लगातार गिरावट हो रही है। साधु संतों का मुख्य उद्देश्य समाज को जागरूक करना और उसे बेहतर दिशा प्रदान करना है। इसी उद्देश्य से भारतीय संत सभा चिंतन बैठक में देश भर के संत अपने विचार रखेंगे। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय इस बैठक को समाज के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें शामिल होने के लिए काफी संख्या में साधु संत मंदिर पहुंच चुके हैं। प्रेसवार्ता में कामेश्वर सिंह, डॉ. सत्येंद्र सिन्हा, मनीष श्रीवास्तव, भानू प्रताप सिंह, विनय गौतम आदि मौजूद थे।
ये प्रमुख संत रहेंगे मौजूद
महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद महाराज, महामंडलेश्वर ज्ञानानंद महाराज, जगद्गुरू राजराजेश्वरानंद महाराज, जगद्गुरू रामानुजाचार्य स्वामी श्रीधराचार्य जितेंद्रनाथ महाराज, स्वामी परमात्मानंद महाराज, स्वामी शंभूनाथ महाराज, गोविंद देवगिरि महाराज, संत बालकदास महाराज, स्वामी गरभू जी महाराज, रामनरेश दास महाराज, महंत रंगनाथाचार्य महाराज, वीरूदक्ष स्वामी महाराज, हरिहरचरण भारती महाराज, संजीव जी महाराज, स्वामी चिन्मयानंद महाराज, विजय कौशल महाराज, अतुल कृष्ण भारद्वाज, राममिलन दास जी, कौशलेंद्र गिरि जी, राजर्षि रामनयन दास रामायणी जी महाराज।