नए वित्तीय वर्ष में जिले की कई दवा की दुकानें बंद हो सकती हैं। एक फार्मासिस्ट से एक लाइसेंस का नियम लागू होने के बाद से परेशानी बढ़ गई है। अब लाइसेंसों का ऑनलाइन नवीनीकरण हो रहा है। जिसमें एक फार्मासिस्ट का एक लाइसेंस पर नाम दर्ज होने के बाद दूसरे पर नाम होने से रिजेक्ट हो जा रहा है।
इतना ही नहीं फार्मासिस्ट का सत्यापन भी किया जा है। आवेदन के बाद सत्यापन न कराने वाले 94 दुकानदारों को ड्रग इंस्पेक्टर ने नोटिस भेजा है। जिले के सभी दुकानदारों को मार्च तक ही समय नवीनीकरण के लिए दिया गया है।
जिले में चार हजार दवा की दुकानें हैं। इसमें 2439 दुकानें फुटकर दवा की हैं। केंद्र सरकार ने ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने के साथ ही एक फार्मासिस्ट पर एक ही लाइसेंस का नियम पर लागू कर दिया है।
हालांकि इसका पूरे देश में विरोध चल रहा है और गोरखपुर में कुछ महीने पहले दवा की सबसे बड़ी मंडी भालोटिया मार्केट बंद कर विरोध जताया गया था मगर इस पर अभी सरकार और दवा एसोसिएशन के बीच बात नहीं बन सकी हैं। उधर ड्रग इंस्पेक्टर ने ऑलनाइन नवीनीकरण के लिए आवेदन करने के बाद फार्मासिस्ट का सत्यापन न कराने वाले 94 लोगों को नोटिस जारी कर चेतावनी दे दी है। सबको मार्च तक का ही समय दिया गया है।
नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कराना है। फार्मासिस्ट का सत्यापन न कराने वाले 94 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। मार्च तक का समय है उसके बाद लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई होगी।
- बृजेश यादव, ड्रग इंस्पेक्टर